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वसुंधरा सरकार को करणी सेना ने दी धमकी, कहा- गजेंद्र सिंह शेखावत को नहीं बनाया प्रदेशाध्यक्ष तो....

जयपुर। प्रदेश में चुनावी समर शुरू होने पर है। बीते करीब दो साल से वसुंधरा राजे सरकार के लिए मुसीबतें खड़ी करने वाली करणी सेना ने एक बार फिर से राजे सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला दिया है। जानिए क्या है पूरा मामला... अबकी बार करणी सेना ने जो मुद्दा उठाया है, वो है केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर बीजेपी में हो रहे विरोध का। भाजपा के अध्यक्ष पद के लिए केन्द्रीय भाजपा आलाकमान के हरी झण्डी दिखाए जाने के बाद भी जिस तरह से प्रदेश भाजपा की ओर से उनका विरोध किया गया था। अब उसके विरोध में राष्ट्रीय करणी सेना ने राजे सरकार और खासतौर पर प्रदेश के राजपूत विधायकों मंत्रियों को चुनावों में देख लेने की बात कही है। भाजपा नेता और करणी सेना के महासचिव सूरजपाल​ सिंह अम्मू और राष्ट्रीय करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी ने कहा कि जब पूर्व मुख्यमंत्री भैरोंसिंह शेखावत का राजपूत होने पर प्रदेश में विरोध नहीं हुआ, तो ये बात कहां से आ गयी कि अगर गजेंन्द्र सिंह शेखावत को प्रदेशाअध्यक्ष बनाये जाते है तो अन्य जातियां इसका विरोध करेगी। राष्ट्रीय करणी सेना ने ना केवल भ

मोदी सरकार झुकी - दलित आंदोलन तेज

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने एससी/एसटी ऐक्ट पर सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल कर दी है। देश भर में दलित संगठनों ने इस फैसले के विरोध में बंद का आयोजन किया है। शीर्ष अदालत के फैसले पर दलित संगठनों की नाराजगी को देखते हुए केंद्र सरकार ने ऐलान किया था कि वह इस मसले पर पुनर्विचार याचिका दाखिल करेगी। ये विरोध अब हिंसात्मक रूप लेता जा रहा है। देश में कई जगहों पर तोड़फोड़, पथराव, गाड़ियां जलाना, दुकाने बंद करवाने जैसी घटनाएं हो रही है। इधर, केंद्र सरकार ने एससी/एसटी एक्ट मामले में सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल कर दी है। जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार की तरफ से सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय पुनर्विचार याचिका दायर करते हुए सुप्रीम कोर्ट को बताएगा कि सीधे गिरफ्तारी पर रोक का निर्णय उस कानून को हल्का कर देगा, जिसका उद्देश्य अधिकार विहीन वर्ग को सुरक्षा देना है। मंत्रालय अपनी याचिका में आग्रह करेगा कि ताजा निर्णय अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम-1989 के भय को खत्म करेगा, जिससे दलित हिंसा की घटनाएं बढ़ सकती हैं। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही

काले कानून को लेकर पूर्व CM गहलोत ने राजे सरकार के बारे में कही ये बात!

जयपुर। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अशोक गहलोत ने कहा है कि मुख्यमंत्री को तीन उप चुनावों में करारी हार झेलने के बाद मीडिय़ा एवं जनविरोध के भारी दबाव के चलते काला कानून वापस लेने को मजबूत होना पड़ा है। गहलोत ने कहा कि भ्रष्टाचार में डूबी यह सरकार आगामी विधानसभा चुनाव में अपने हश्र को देखते हुए डर गई है। उसका घमण्ड चूर हो गया है। इसी का नतीजा है कि सरकार ने संस्थागत भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के अपने कुत्सित कदमों को वापस ले लिया है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने एवं पारदर्शिता के लिए सूचना का अधिकार, सुनवाई का अधिकार, सार्वजनिक खरीद में पारदर्शिता कानून, स्पेशल कोर्ट एक्ट, लोकसेवा गारंटी अधिनियम लागू किए थे। लेकिन भाजपा सरकार ने आते ही इन सारे कानूनों को ठण्डे बस्ते में डाल दिया। उन्होंने कहा कि यदि इन कानूनों को यह सरकार अमल में लाती तो काला कानून लाने की जरूरत ही नहीं पड़ती तथा सरकार को ये बदनामी भी नहीं झेलनी पड़ती।

राजस्थान में सरकारी स्कूल अब - पीपीपी मॉडल पर

  " पीपीपी मॉडल पर संचालित होंगे 300 सरकारी स्कूल " जापान के सहयोग से इंजीनियरों के लिए खुलेगा कौशल विकास केन्द्र  जयपुर, 5 सितम्बर। मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे की अध्यक्षता में मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास में हुई मंत्रिमण्डल की बैठक में राज्य के 300 सरकारी विद्यालयों को पीपीपी मॉडल पर संचालित करने तथा जापान सरकार के सहयोग से युवा इंजीनियरों के प्रशिक्षण के लिए कौशल विकास संस्थान स्थापित करने सहित कई महत्त्वपूर्ण निर्णय लिए गए।  संसदीय कार्य मंत्री श्री राजेन्द्र राठौड़ ने मंत्रिमण्डल की बैठक में हुए निर्णयों की जानकारी मीडिया को देते हुए बताया कि मंत्रिमण्डल ने प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और पिछड़े क्षेत्रों में बच्चों को उत्कृष्ट शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्ेश्य से स्कूल शिक्षा विभाग की सार्वजनिक-निजी सहभागिता (पीपीपी) नीति-2017 को मंजूरी दी है। इस नीति के तहत प्रथम चरण में राज्य के कुल 9895 माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में से 300 विद्यालयों को पीपीपी मोड पर संचालित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य के  आदर्श विद्यालय तथा संभागीय एवं जिला मुख्यालयों के