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उपराष्ट्रपति वैकेंया नायडू की जयपुर यात्रा -

जयपुर, 20 सितम्बर। उपराष्ट्रपति श्री एम वैकेंया नायडू की 25 एवं 26 सितम्बर,2018 को प्रस्तावित जयपुर यात्रा की तैयारियों को लेकर मुख्य सचिव श्री डी.बी. गुप्ता अध्यक्षता में गुरूवार को शासन सचिवालय में बैठक आयोजित हुई। बैठक में मुख्य सचिव ने उपराष्ट्रपति की प्रस्तावित जयपुर यात्रा के संबंध में अलग-अलग विभागों के अधिकरियों से विस्तार से जानकारी ली एवं उन्हें आवश्यक दिशा निर्देश दिये। मुख्य सचिव ने बैठक में उपराष्ट्रपति के जयपुर आगमन, विभिन्न कार्यक्रमों एवं विदाई के दौरान आवश्यक पुलिस -यातायात व्यवस्था के साथ समारोह स्थल पर मेडिकल टीम, एम्बुलेंस, चिकित्सकों की टीम जीवन रक्षक उपकरणों सहित फूड टेस्टिंग  यूनिट की पुख्ता व्यवस्था के निर्देश दिये। पुलिस आयुक्त श्री संजय अग्रवाल ने उपराष्ट्रपति की प्रस्तावित जयपुर यात्रा के दौरान पार्किंग एवं सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में अवगत कराया। बैठक में नगरीय विकास,एवं आवासन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री पी.के गोयल, आयुक्त, जयपुर विकास प्राधिकरण, श्री वैभव गालरिया, जयपुर कलक्टर श्री सिद्धांर्थ महाजन, प्रमुख शासन सचिव, जल संसाधन श्री शिखर अग्रवाल, सूचन

भारत विकसित राष्ट्र नहीं बन सकता यदि जाति, पंथ, धर्म और लिंग पर आधारित असमानताएं विद्यमान हैं: उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू

उपराष्ट्रपति ने ‘सोशल एक्सक्लूजन एण्ड जस्टिस इन इंडिया’ पुस्तक का विमोचन किया - उपराष्ट्रपति, श्री एम. वेंकैया नायडू ने कहा है कि हम एक विकसित भारत का निर्माण नही कर सकते यदि समाज में जाति, पंथ, धर्म और लिंग पर आधारित असमानताएं विद्यमान हैं। श्री पी.एस.कृष्णन द्वारा लिखित पुस्तक ‘सोशल एक्सक्लूजन एण्ड जस्टिस इन इंडिया’ का विमोचन करने के बाद उपराष्ट्रपति उपस्थित जनसमुदाय को आज यहां संबोधित कर रहे थे। केंद्रीय सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्री श्री थावर चन्द गहलोत व अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे। उपराष्ट्रपति ने कहा कि पिछले सात दशकों से लेखक समाज के वंचित वर्गों की समस्याओं का अध्ययन कर रहे है। इन्होंने भारतीय समाज में भेदभाव को नजदीक से अनुभव किया है। पुस्तक इस तथ्य का साक्ष्य है कि उन्हे वंचित वर्गों, दलितों आदिवासियो और सामाजिक व आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गो के मामलों की गहरी जानकारी है। लेखक को आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में रहने वाले पिछड़े सामाजिक वर्गों की कठिनाईयों का लम्बा अनुभव है और वे इनके निदान के लिए व्यवहारिक और प्रभावी तरीके भी सामने रखते हैं। उपराष्ट्रपति ने क