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मंदिर ,मस्जिदों पर लाउडस्पीकर के बारे में दिशा निर्देश जारी-

लखनऊ। इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ के निर्देश के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिये सार्वजनिक स्थानों पर लगे स्थायी लाउडस्पीकरों के बारे में आज विस्तृत दिशा निर्देश जारी किये हैं। प्रमुख सचिव (गृह) अरविंद कुमार ने आज बताया, ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) के प्राविधानों का कड़ाई से अनुपालन करने के संबंध में उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद राज्य सरकार ने इस संबंध में विस्तृत दिशा निर्देश जारी किये हैं। उच्च न्यायालय ने बीते 20 दिसंबर को राज्य में ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण में नाकामी को लेकर कड़ी नाराजगी जताई थी और राज्य सरकार से पूछा था कि क्या प्रदेश के सभी धार्मिक स्थलों, मस्जिदों, मंदिरों, गुरद्वारों या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर लगे लाउडस्पीकर संबंधित अधिकारियों से इजाजत लेने के बाद लगाये गये हैं सरकार ने 10 पृष्ठ का लाउडस्पीकर के सर्वेक्षण का प्रोफार्मा जारी किया है।इसमें स्थायी रूप से लाउडस्पीकर लगाने की इजाजत लेने का फॉर्म और जिन लोगों ने लाउडस्पीकर लगाने की इजाजत नहीं ली है, उनके खिलाफ की गयी कार्वाई की विस्तृत जानकारी देने को कहा गया है। इलाहाबा

तलाक .......तलाक ..........तलाक अब नहीं , कांग्रेस ने किया समर्थन -

तीन तलाक ..............................संसद में बहस कुछ ख़ास - संसद में आज गुरुवार को तीन तलाक को लेकर जबरदस्त बहस हुई , लोकसभा में बिल को पेश करते हुए कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है मोदी सरकार मुस्लिम महिलाओं को उनका हक दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है इसके लिए यह बील लाई है | लोकसभा में कानून मंत्री  रविशंकर प्रसाद ने अपने  भाषण के साथ सदन में बिल सभी पहलुओं पर चर्चा की  लोकसभा में बिल पर चर्चा के दौरान कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि यह कानून महिलाओं के अधिकारों और न्याय के लिए लाया गया है। इस बिल का किसी भी व्यक्ति के प्रार्थना, संस्कार या धर्म , जाती से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि हमें मुस्लिम महिलाओं के दुख और परेशानियों को समझना होगा |यह बिल  महिलाओं के अधिकारों-न्याय के लिए है इसके साथ ही कानून मंत्री रविशंकर ने उत्तर प्रदेश के रामपुर की घटना का जिक्र करते हुए कहा की आज सुबह जब मैंने अखबार देखा तो खबर पढ़ी कि रामपुर में एक मुस्लिम महिला को उसके  पति ने सिर्फ इसलिए तलाक दे दिया, क्योंकि वो सुबह देर से सोकर उठी थी |  संसद को आज इन महिलाओं क

डॉ बाबा साहब आंबेडकर को बोध धर्म की दीक्षा देने वाले गुरु भन्ते प्रज्ञानंद नहीं रहे |

डॉ . बाबा साहब आंबेडकर को बोध धर्म की दीक्षा देने वाले गुरु भन्ते प्रज्ञानंद लम्बी बीमारी के बाद उनका परि amzn_assoc_ad_type ="responsive_search_widget"; amzn_assoc_tracking_id ="politico24x7-21"; amzn_assoc_marketplace ="amazon"; amzn_assoc_region ="IN"; amzn_assoc_placement =""; amzn_assoc_search_type = "search_widget";amzn_assoc_width ="730"; amzn_assoc_height ="560"; amzn_assoc_default_search_category =""; amzn_assoc_default_search_key ="Jewelry";amzn_assoc_theme ="light"; amzn_assoc_bg_color ="FFFFFF"; //z-in.amazon-adsystem.com/widgets/q?ServiceVersion=20070822&Operation=GetScript&ID=OneJS&WS=1&Marketplace=IN निर्वाण आज प्रातः 11 बजे किंग ज्योर्ज मेडीकल युनिवर्सिर्ट (के.जी.एम.यू.) लखनऊ में हो गया है उनका पार्थिव शरीर आज रिसालदार बुद्धविहार, लखनऊ में दर्शनार्थ रखा गया है । गुरु भन्ते प्रज्ञानंद जी ने  14 अक्टूबर, 1956  को डॉ .बाबा साहब आंबेडकर को 

मंत्रियो की बयानबाजी ,अभिव्यक्ति की आजादी है या नहीं , संविधान बेंच करेगी फ़ेसला -

  मंत्रियों की बयानबाजी ,बोलने की आजादी है या नहीं ,संविधान बेंच करेगी फैसला  - नई दिल्ली | किसी संवेदनशील मामले की जाँच के बीच में ही कोई मंत्री या जन सेवक बोलने की आजादी का हवाला देकर बयानबाजी कर सकता है या नहीं   इसका फ़ेसला अब सुप्रीम कोर्ट  की पांच जजों की संविधान पीठ करेगी | उत्तर प्रदेश के पूर्व सपा सरकार के  मंत्री आजम खान द्वारा बुलंद शहर में माँ -बेटी से गेंगरेप को सियासी साजिश बताने के खिलाफ दायर याचिगा पर सुनवाई में ऐसे  कई सवाल उठे थे | चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अदातली  वाली 3 सदस्यीय बेंच ने कहा ,ऐसे सवालो पर बड़ी बेंच विचार करेगी | सोशल मिडिया के दुरूपयोग पर चिंता जताते हुए बेंच ने  कहा की लोग अदातली कार्यवाही के बारे में झुट फेलाते  है एमिक्स क्युरी फली एस नरीमन ने कोर्ट की देख -रेख  पर सहमती जताते हुए कहा ,सोशल  मिडिया प्लेटफार्म  पर गलत सूचनाये और गाली - गलोच मौजद है |

बीजेपी सरकार में बेटियों पर लाठीचार्ज -

    "बनारस हिन्दू  विश्विधालय  में   बेटियों पर  लाठी चार्ज  " वाराणसी: बनारस हिन्दू  विश्विधालय   में शनिवार रात छात्राओं पर हुए लाठीचार्ज के मामले में मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ ने जांच के आदेश दे दिए हैं  इस मामले में पुलिस ने करीब 1100 से अधिक अज्ञात छात्रों के खिलाफ केस  दर्ज कर लिया है |  साथ ही  लंका थाने के एसओ राजीव सिंह को लाइन हाज़िर कर दिया है. भेलूपुर इलाके के सीओ निवेश कटियार और एक एडिशनल सिटी मजिस्ट्रेट को हटाया गया है. इस बीच कई छात्राएं बीएचयू और वाराणसी के दूसरे कॉलेजों से जाने लगी हैं, हालांकि दशहरे की छु ट्टी भी होने ही वाली थीं, लेकिन इससे पहले ही छात्राएं जा रही हैं. पहले छुट्टी 28 सितंबर से 2 अक्टूबर तक होने वाली थी, लेकिन यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सोमवार से छुट्टी का ऐलान कर दिया है. इस बीच रविवार को भी कैंपस में गहमागहमी रही, छात्रों ने शांति मार्च निकाने की कोशिश की, पुलिस ने रोक दिया. वहीं यूनिवर्सिटी के शिक्षकों ने शांति बहाली के लिए जुलूस निकाला. इधर- समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल आज छात्राओं से मिलने बीएचयू जा रहा है. रविवार को कांग्रेस के

कांशीराम को जिंदा कर दिया सामाजिक कार्यकर्ता कपिल प्रेम ने-

        कांशीराम............ मान्यवर दीनाभाना ने जब मान्यवर कांशीराम को यशकायी डीके खापर्डे से मिलवाया तो उन्होनें मा. कांशीराम साहब को बाबा साहब की पुस्तक एनिहिलेशन आफ कास्ट पढने के लिए दिया। मा. कांशीराम ने बाबा साहब की पुस्तक एनिहिलेशन आफ कास्ट को तीन बार पढा और आन्दोलित हो गये। यहां से मा. कांशीराम का जीवन और उनका उद्देश्य पूर्णत: बदल गया एवं यहीं से मा. कांशीराम के जीवन में एक नयी स्फुर्ति आयी और उन्होंने मा. डीके खापर्डे, मा. दीनाभाना एवं अन्य साथियों के मिलाकर भारत में बहुजन आन्दोलन की शुरूआत की। मा. कांशीराम ने बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के आ न्दोलन का गहन अध्ययन किया तो इन्होंने देखा कि बाबा साहब के परिनिर्वाण के बाद उनका कारवां रूक गया है। इसलिए जहां-जहां से कारवां रुका था वहां-वहां से पुनः हमें आंदोलन रिस्टार्ट करना पडेगा। इसके बाद वे जी जान से इसे दोबारा से शुरू करने में जुट गए।   पूना पैक्ट का धिक्कार:- मा. कांशीराम इस नतीजे पर पहुंचे कि अछूतों को मिलने वाले पृथक निर्वाचन के अधिकार को पूना पैक्ट ने समाप्त कर दिया और वह हथियार जो अछूतों को मिला था उसे गांधी जी ने पूना पै

उत्तराखंड में खत्म हो सकता है CM का सस्पेंस, इन्हें मिल सकती है गद्दी

नई दिल्ली । उत्तराखंड में नए मुख्यमंत्री को लेकर बीजेपी के नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक के लिए बीजेपी के वरिष्ठ नेता नरेंद्र सिंह तोमर, सरोज पांडेय, धर्मेंद्र प्रधान और श्याम जाजू देहरादून पहुंच गए। सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री पद के लिए त्रिवेंद्र सिंह रावत का नाम तय किया गया है, जिस पर विधायक दल की बैठक में औपचारिक रूप से मुहर लगाई जाएगी. बीजेपी ने राज्य के विधानसभा चुनावों में शानदार प्रदर्शन करते हुए 70 में से 57 सीटें जीती हैं। आज शाम होगी विधायक दल की बैठक बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने बताया कि पैसेफिक होटल में शुक्रवार शाम 3 बजे होने वाली इस बैठक में केंद्रीय पर्यवेक्षकों नरेंद्र सिंह तोमर और सरोज पांडे के अलावा उत्तराखंड के पार्टी मामलों के प्रभारी श्याम जाजू भी मौजूद रहेंगे। भट्ट ने कहा, पार्टी के सभी विधायकों से इस बैठक और उसके एक दिन बाद नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह के मद्देनजर देहरादून में मौजूद रहने को कहा गया है। परेेड ग्राउंड में शपथ ग्रहण की तैयारियां नई सरकार का शपथ ग्रहण 18 मार्च को शाम 3 बजे परेड ग्रांउड में होगा और यहां इस समारोह की तैयारियों को अंति

CM की रेस से बाहर होते ही केश्व प्रसाद मौर्य पहुंचे हॉस्पिटल

नई दिल्ली।  उत्तर प्रदेश की राजनीति में गुरूवार को एक फिर नया मोड आ गया। यहां पर प्रदेश के पार्टी अध्यक्ष केश्व प्रसाद मौर्य सीएम की रेस से बाहर होने की खबर को सहन नहीं कर पाए। इसके चलते उनकी तबियत बिगड़ गई। मौर्य को RML अस्पताल के ICU में भर्ती करवाया गया है। बताया जा रहा है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने उनको यूपी का सीएम चुनने की जिम्मेदारी सौंपी है। जिसके बाद उनकी तबीयत खराब हो गई है। प्रदेशाध्यक्ष मौर्य का ब्लड प्रेशर इतना बढ़ गया है कि उनको तुरंत दिल्ली के आरएमएल अस्पताल में भर्ती कराना पड़ गया। नाम बाहर होने से मामला बिगड़ गया उल्लेखनीय है कि कि मौर्य के समर्थक उनको यूपी का मुख्यमंत्री बनाने की मांग कर रहे थे, लेकिन मौर्य का नाम इस रेस से बाहर होने के बाद मामला बिगड़ गया। बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने यूपी के प्रदेशाध्यक्ष केशव मौर्य को यहां पर मुख्यमंत्री चुनने की जिम्मेदारी दी है। अब मौर्य का कहना है कि जब उनको ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री चुनने की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई हैं तो वे भला उनका खुद का नाम कैसे इस पद के लिए पार्टी को बताएं। अादित्यना

बीजेपी की यूपी जीत से प्रदेश मुख्यालय में भारी जश्न

नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों के चुनाव का असर राजस्थान सहित पूरे देश के भाजपा कार्याकर्ताओं में भारी उत्साह दिख रहा है। भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में इसका जोरदार असर दिखा। स्वयं मुख्यमंत्री, प्रदेशाध्यक्ष सहित सांसद, विधायक और पार्षद की भीड़ बनी रही। सुबह जैसे—जैसे उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव का परिणाम का रूझान आने लगा तो भाजपा कार्यालय में सांसद, विधायकों, पार्षदों और पार्टी के पदाधिकारियों को मुख्यालय आने के निर्देश दे दिए गए। इसके बाद करीब 11 बजे से शुरू हुआ जश्न दोपहर बाद तक चलता रहा। सीएम ने छोड़े पटाखे उत्तर प्रदेश के परिणाम रूझान आने के साथ ही मुख्यालय में सीएम राजे भी पहुंच गईं। उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ पटाखे छोड़े। इसके साथ ही सांसदों, विधायकों और पार्षदों में जोरदार उत्साह देखने को मिला। पटाखे छोड़ने के बाद सीएम राजे ने कार्यालय में उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। सोचा था कि मोदीजी की लहर आएगी, लेकिन आंधी आ गई सीएम राजे ने उत्तर प्रदेश की जीत का श्रेय पीएम नरेंद्र मोदी को दिया। साथ ही उन्होंने भाजपा के नारे सबका साथ, सबका विकास का जि