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राष्ट्रपति ने दी मंजूरी, नागरिक संशोधन बिल-2019 को लेकर क्‍यों सुलग रहा उत्‍तर-पूर्व

दिल्ली। भारतीय नागरिकता बिल में केंद्र सरकार का प्रस्तावित संशोधन लोकसभा और राज्यसभा में बहुमत से पारित हो गया था। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने नागरिकता संशोधन विधेयक, 2019 को मंजूरी दे दी है। आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार यह कानून कल राजपत्र में प्रकाशित होने के साथ लागू हो गया है। आपको बता दें कि नागरिकता संशोधन बिल नागरिकता अधिनियम 1955 के प्रावधानों को बदलने के लिए पेश किया जा गया है, जिससे नागरिकता प्रदान करने से संबंधित नियमों में बदलाव होगा। नागरिकता बिल में इस संशोधन से बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए हिंदुओं के साथ ही सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाइयों के लिए बगैर वैध दस्तावेजों के भी भारतीय नागरिकता हासिल करने का रास्ता साफ हो जाएगा। सरकार ने कहा है कि घुसपैठियों और शरणार्थियों के बीच अंतर किया जाना आवश्‍यक है। यह कानून किसी के भी खिलाफ भेदभाव नहीं बरतता है और न ही किसी का अधिकार छीनता है। नागरिकता संशोधन विधेयक के दायरे से बाहर वाले क्षेत्र में दो श्रेणियां हैं जिन्हें इस विधेयक से दूर रखा गया है, इनर लाइन’ द्वारा संरक्षित राज्य और संविधान की छठी अनुसूची के तहत आने व

राष्‍ट्रपति ने डॉ. बी.आर. अम्बेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर अपनी शुभकामनाएं दी

President, Shri Ram Nath Kovind, Dr. B. R. On the eve of Ambedkar Jayanti, best wishes to the countrymen.   राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंद ने डॉ. बी. आर. अम्बेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। अपने संदेश में, राष्ट्रपति ने कहा है, “अम्बेडकर जयंती के अवसर पर, भारत के संविधान के मुख्य वास्तुकार डॉ. भीमराव रामजी अम्बेडकर की जयंती पर मैं सभी नागरिकों को बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। उन्‍होंने कहा कि डॉ. अम्बेडकर हमारे स्वतंत्रता संग्राम के एक उत्कृष्ट नेता और हमारे समाज के दलित और पारंपरिक रूप से वंचित वर्गों के अधिकारों को दिलाने की दिशा में महत्‍वपूर्ण रूप से कार्य करने वाले एक अग्रणी असाधारण व्‍यक्तित्‍व थे। विद्वान, शिक्षाविद्, कानूनी रूप से प्रबुद्ध, समाज सुधारक और राजनीतिक नेता, डॉ. अम्‍बेडकर का दर्शन और जीवन, साहस और दृढ़ विश्वास का एक प्रेरणादायी मार्ग है। डॉ. अम्बेडकर ने एक ऐसे समाज की परिकल्पना की जहां कमजोर और वंचित वर्गों, किसान, श्रमिक और विशेषकर महिलाओं को समान अधिकार और सम्मान मिले। वह लोकतांत्रिक, शांतिपूर्ण,  अहिंसक और सामंजस्यपूर्ण साधनों के मा

इस बयान को लेकर राहुल गांधी की दैवेगौड़ा ने की निंदा

बेंगलुरू। जनता दल(एस)-जद(एस) के अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री एच डी दैवेगौड़ा ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के उस बयान की कड़ी निंदा की है जिसमें उन्होंने कहा था कि आगामी कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए गौड़ा ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ गठजोड़ कर लिया है तथा वह वह भाजपा की बी टीम है। राहुल गांधी ने कर्नाटक यात्रा के दौरान पिछले दो दिनों में आरोप लगाए थे कि जद(एस) अब जनता दल (संघ परिवार) बन चुका है और वह भाजपा की बी टीम है तथा गौड़ा को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वह भाजपा को मदद देने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जद(एस) के पास कोई विचारधारा नहीं है। देवगौड़ा ने पत्रकारों के पूछे गए सवालों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा राहुल गांधी को एक परिपक्व इंसान बनने के लिए काफी लंबी राजनीतिक यात्रा करनी थी लेकिन उन्हें अकेले ही शीर्ष राजनेता बनने दीजिए। उनके भाषण कोई और लिखता है और वह मेरे जैसे 85 वर्षीय राजनीतिज्ञ को राजनीति के मंत्र बताने की कोशिश कर रहे हैं। इस तरह के गैर जिम्मेदाराना बयानों की कड़ी निंदा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को पहले यह समझ लेना चाहि

राष्ट्रपति ने वायुसेना की दो यूनिट को किया सम्मानित

लुधियाना। राष्ट्रपति और सर्वोच्च सेना नायक रमानाथ कोविंद ने गुरुवार को भारतीय वायुसेना के 51 स्कवाड्रन को राष्ट्रपति निशान और 230 सिंगल यूनिट को राष्ट्रपति सम्मान प्रदान किया। यह सम्मान ग्रुप कैप्टन सतीश एस पवार, कमांडिंग अफसर, 51 स्कवाड्रन और ग्रुप कैप्टन एसके त्रिपाठी, स्टेशन कमांडर, 230 सिंगल यूनिट ने प्राप्त किया।यह सम्मान गुरुवार को वायुसेना स्टेशन हलवारा में एक भव्य समारोह के दौरान इन यूनिट की प्रशंसनीय राष्ट्रसेवा के लिए दिया गया। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने दोनों यूनिटों की इतिहास पत्रिकाओं का भी विमोचन किया। राष्ट्रपति ने इस अवसर पर प्रसन्नता व्यक्त की और देश की एकता, निष्ठा एवं अखंडता की रक्षा करनेे वाली तेेजस्वी सैन्य परंपराओं का स्मरण किया। सशस्त्र सेना के लिए राष्ट्रपति सम्मान और राष्ट्रपति निशान सर्वोच्च सम्मान होता है जो शांति और युद्ध के दौरान राष्ट्र की सुरक्षा में अदम्य योगदान के लिए सैन्य इकाइयों को दिया जाता है। इस समारोह की शुरुआत में राष्ट्रपति को एक भव्य परेड नेे राष्ट्रीय सलामी दी गई। उसके बाद वायु सेना की वायु योद्धा टीम ने मंत्रमुग्ध कर देने वाली ड्रिल का प्रदर्

मोदी ने मैक्रों को वाराणसी की धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों कराया रुबरू

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को उत्सवी माहौल में गंगा में विशेष प्रकार से फूलों से सजे बजरे पर नौका विहार के जरिये घाटों से वाराणसी की धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों की विरासत का अद्भुत छटा से रुबरू कराया। दोनों शीर्ष नेताओं के स्वागत के लिए पूरे शहर को दुल्हन की तरह सजाया गया है। गंगा घाटों पर फूलों एवं इसकी रंगोली बनाकर बेहद खास तरीके से सजाया गया है। घाटों के उस पार गंगा तट पर लगभग साढे़ तीन किलोमीटर के दायरे में भारत और फ्रांस के 20 हजार से अधिक राष्ट्रीय ध्वजों से सजाया गया है। मैक्रों, मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐतिहासिक असि घाट से दशाश्वमेध घाट तक फूलों से सजे विशेष प्रकार के बजरे पर सवार होकर लगभग 40 घाटों एवं उसके आसपास की ऐतिहिक एवं धार्मिक इमारतों को निहारा। अभूतपूर्व मेजबानी से प्रसन्न मैक्रों कई बार बजरे पर खड़े होकर घाटों पर खड़े लोगों का अभिवादन स्वीकार करते नजर आये। नौकायन से से पहले लाल कारपेट असि घाट पर पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने वैदिक मंत्रोच्चार, शंख और शहनाई की मधुर धूनों के बीच महिलाओं न