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शिक्षा व् मानवीय मूल्यों की बड़ी बाते करने वाले प्राइवेट स्कूल - अब इस महामारी काल में भी शिक्षा का व्यवसायीकरण कर रहें है

Private schools that talk a lot about education and human values ​​-now even in this pandemic period, education is being commercialized - जयपुर |  शिक्षा व मानवता का पाठ पढ़ाने वाले स्कूल आज कल इस  वैश्विक महामारी कोरोना में भी पेरेंट्स को छुट्टियों की फीस जमा कराने के लियें दबाव् बना रहे हैं | इस मुश्किल घड़ी में जहां लॉक डाउन के चलते पिछले 40 दिन से अधिक समय से व्यवसाय बंद हैं घर चलाने का भी खर्च अब मध्यमवर्गीय परिवार के पास नहीं बचा हैं अब स्कूलों के मेल ,कॉल आदि द्वारा पेरेंट्स पर दबाव बनाया जा रहा हैं कि आप अपने बच्चों की फ़ीस जमा किरायें| [caption id="attachment_10852" align="alignnone" width="920"] sa aabhar[/caption] अब मध्यम वर्गीय परिवार मानसिक रूप से तनाव में है एक और तो काम धंधे ठप हैं उसके ऊपर प्रधानमंत्री मोदी व राज्य सरकारों ने आदेश जारी कर के कह दिया हैं कि लॉक डाउन के चलते आप अपने यहां काम करने वाले मजदूरों को नोकरी से नहीं निकाल सकते और उन्हें लॉक डाउन के चलते सैलेरी भी देना अनिवार्य हैं | अब मध्यम वर्गीय परिवार अपना घर चलायें या जरूरतमंद ल

कोई भी गरीब व् वंचित बच्चा शिक्षा से महरूम नहीं होगा - हेमलता कांसोटिया

Hemlata Konsotia, a pioneer in the social sector, today gave directions to her team regarding the admission of children from poor and disadvantaged sections through RTE in Kishanpol Assembly {Heritage Jaipur}  जयपुर | सामाजिक क्षेत्र में अग्रणी नाम हेमलता कांसोटिया ने आज किशनपोल विधानसभा { हेरिटेज जयपुर } में  गरीब व् वंचित वर्ग के बच्चों को   राइट  टू एजुकेशन के माध्यम से प्रवेश दिलाने के सम्बन्ध में अपनी टीम को दिशा - निर्देश दियें | हेमलता जी ने बताया की आज जयपुर शहर { हेरिटेज } में दलित - मुस्लीम व् वंचित वर्ग के गरीब तबके के लोग अधिक निवास करते है जिनका मुख्यकार्य मजदूरी होता है वह जानकारी व् उचित मार्गदर्शन के अभाव में सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पाते  जिसके वह हक्कदार है में { हेमलता } लम्बे समय से दिल्ली व् राजस्थान में दलित समाज व् वाल्मकि समाज के सफाई कर्मचारियों { सीवरेज वर्कर } को लेकर लम्बे समय से काम कर रही हूँ जिसके चलते आज दिल्ली में कोई भी व्यक्ति सीवरेज में नहीं उतरता है आज सारी प्रक्रिया मशीनी हो चुकी है और जिन लोगो की सीवरेज में सफाई के दौरान दम घुटने से मौत हुई ह