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आर्थिक समृद्धि की और ले जाता - भीम बिजनेस एक्सपो का भव्य आगाज

 "नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनो -    डॉ  बाबासाहेब अम्बेडकर "               के कथन को साकार करते हुवे  -  भीम  बिजनेस एक्सपो   समय बड़ा परिवर्तनशील है डॉ बाबा साहब आंबेडकर के अथक प्रयास से आज बहुजन समाज सामाजिक रूप से सभी क्षेत्रो में अपनी मुख्य भूमिका निभा रहा है और इसी का ख़ास नजारा  ” भीम बिजनेस एक्सपो ” में देखने को मिल रहा है  | जी हाँ  हम बात कर रहे है जयपुर में आयोजित हो रहे   ” भीम बिजनेस एक्सपो ” की  जो 23 से  25 दिसम्बर 2017  तक  जयपुर में आंबेडकर सर्किल यूथ होस्टल में आयोजित हो रहा है | यह बिजनेस एक्सपो दलित समाज के छोटे -बड़े उधमियो को एक नेटवर्किंग  प्लेटफार्म उपलब्ध करा रहा है जिसके माध्यम से सभी उधमी अपने  बिजनेस को बढ़ा सकते है | डॉ .बाबा साहब आंबेडकर जी ने सामाजिक रूप से हासिये पर पड़े दलित समाज को मुख्य धारा में लाने और सामाजिक ताने -बाने को व्यवस्थित करने हेतु भारतीय संविधान में आरक्षण की व्यवस्था की थी  जिसके परिणाम स्वरूप आज दलित समाज अपने को सामाजिक रूप से मुख्यधारा में लाने हेतु प्रयासरत है  इसमें ही अब भीम बिजनेस एक्सपो मुख्य भूमिका निभा रहा ह

भय व हिंसा मुक्त विद्यालय, संवेदनशील अध्यापक सुनिश्ति करना सरकार की जिम्मेदारीः मीमरौठ

              “भेदभाव व हिंसा मुक्त विद्यालयी शिक्षा  “ पर राज्य स्तरीय विचार-विमर्ष बैठक ..... दिनांक 9 मई 2017 को दलित अधिकार केन्द्र, जयपुर व राष्ट्रीय दलित न्याय आन्दोलन, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वाधान में “भेदभाव व हिंसा मुक्त विद्यालयी शिक्षा  “ पर किसान भवन, लाल कोठी, जयपुर में राज्य स्तरीय विचार-विमर्ष बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में मुख्य वक्ता के रूप में दलित अधिकार केन्द्र के मुख्य कार्यकारी पी.एल.मीमरौठ ने बैठक के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुये बताया  कि दलित बच्चों को भय व हिंसा मुक्त विद्यालय का वातावरण मिले इसके लिए विद्यालय प्रशासन, छात्रो, अभिभावको, शिक्षको, व  समाज को संवेदनशील करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रो. मानचन्द खण्डेला, ने बताया कि बच्चो व अभिावकों को इस बात पर ध्यान रखना चाहिये की किसी भी विद्यालय में छात्र को प्रताडित किया जाता है तो एक जुट होकर अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाये तथा हिंसा व अत्याचार का प्रतिकार करे। क्यों कि हिंसा के खिलाफ आवाज नही उठाने के कारण से हिंसा ज्यादा होती है विरोध करने पर कमी आती है। अत्याचार के ग्राफ में कमी लाने के लिए विरोध करना आवश्