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रावण की रिहाही से बहुजन समाज में ख़ुशी -

यूपी | भीम आर्मी के संस्थापक चन्द्र शेखर उर्फ़ रावण के जेल से रिहा होने के अवसर पर बहुजन समाज में ख़ुशी की लहर छा गई है , बहुजन समाज रावण की रिहाही को दलित ,शोषित तबके के संघर्ष व् मान - सम्मान के साथ जोड़ा जा रहा है | युवा साथी विपिन द्वारा रावण की रिहाही के अवसर पर विचार गोष्टी का आयोजन  किया गया जिसमे  बाबा साहब अम्बेडकर जी की पूर्ति पर पुष अर्पित कर दीपक प्रव्जलित किया गया साथ ही बहुजन समाज ने मिठाई के साथ ख़ुशी बनाई गई | इस अवसर पर बाबा साहब के जीवन पर निम्न साथी वक्ताओं ने विचार रखे -  भोग नाथ पुष्कर ,सोबरन लाल ,जश पाल बोद्ध ,अलोक रावण ,विपिन कुमार ,जोगेंद्र प्रसाद गौतम ,श्याम किशोर बेचेन्न ,श्रीकांत बोद्ध ,सर्वजीत ,सुधांशु गौतम , गौरव बोद्ध , सुरेन्द्र गौतम ,शिव राम गौतम ,शत्रोहन लाल गौतम ,गौरव मिला ,आशु गौतम

आर्थिक आज़ादी का महोत्सव साबित हुआ भीम बिजनेस एक्सपो -

बहुजन आर्थिक आज़ादी का महोत्सव साबित हुआ भीम बिजनेस एक्सपो - जयपुर में 23 से 25 दिसम्बर 2017 के तीन दिनों तक आयोजित हुए भीम बिजनेस एक्सपो ने बहुजन समाज के लोगों में आर्थिक स्वावलंबन  तथा व्यावसायि क चेतना की एक नई उमंग पैदा कर दी है , अन्य व्यापार मेलों से यह बिजनेस एक्सपो काफ़ी अलग साबित हुआ ,इसमें आये लोग सिर्फ आर्थिक आज़ादी की ही बात नही कर रहे थे ,बल्कि सदाचार और नैतिकता पर आधारित सम्यक व्यापार की अवधारणा को भी हृदयंगम कर रहे थे । इस आयोजन के संयोजक बहुजन चिंतक ,लेखक  डॉ एम एल परिहार का मानना है कि गौतम बुद्ध और बाबा साहब अम्बेडकर के अर्थ चिंतन को साकार करने की दिशा में भीम बिजनेस एक्सपो एक महत्वपूर्ण कदम था ,उनका कहना है कि-' गौतम बुद्ध ने भूख और दरिद्रता को सबसे बड़ा रोग कहा था ,जो सब बुराइयों की जड़ है ,इससे निजात पाने की पूरी कोशिश जरूरी है ,इसी तरह बाबा साहब अम्बेडकर का भी विचार था कि उपेक्षित वंचित स माज के लोग उद्यमी बनें और आर्थिक रूप से सम्पन्न हो ,क्योंकि आर्थिक समृद्धि के बिना हमारा कोई उद्धार नहीं है ,उनका स्वप्न था कि वंचित तबके के लोग आर्थिक रूप से सक्षम बनें और देश मे

जयपुर में आयोजित होगा - भीम बिजनेस एक्सपो

सामाजिक कुरीतियों और बंदिशों को दर किनार करते  हुए बिजनेस क्षेत्र में नए आयाम स्थापित  करता  - भीम बिजनेस एक्सपो   समय बड़ा परिवर्तनशील है डॉ बाबा साहब आंबेडकर के अथक प्रयास से आज बहुजन समाज सामाजिक रूप से सभी क्षेत्रो में अपनी मुख्य भूमिका निभा रहा है और इसी कड़ी में " भीम बिजनेस एक्सपो " का नाम भी जुड़ने जा रहा है | जी हाँ  हम बात कर रहे है जयपुर में आयोजित होने वाले  " भीम बिजनेस एक्सपो " की  जो 23 से 25 दिसम्बर 2017 को जयपुर में आंबेडकर सर्किल यूथ होस्टल में आयोजित होने जा रहा है |amzn_assoc_ad_type ="responsive_search_widget"; amzn_assoc_tracking_id ="politico24x7-21"; amzn_assoc_marketplace ="amazon"; amzn_assoc_region ="IN"; amzn_assoc_placement =""; amzn_assoc_search_type = "search_widget";amzn_assoc_width ="auto"; amzn_assoc_height ="auto"; amzn_assoc_default_search_category ="Books"; amzn_assoc_default_search_key ="baba saheb ambedkar";amzn_assoc_theme ="l

बाबा साहेब द्वारा बनाया गया "भारतीय सविंधान" भारत को सदियों तक ऊर्जावान रखेगा- कपिल गौतम प्रेम

  सविंधान दिवस विशेष - बाबा साहेब द्वारा बनाया गया सविंधान सदियों तक भारत को ऊर्जावान बनाये रखेगा- कपिल गौतम प्रेम सविंधान महज एक औपचारिकता नही है यह एक समाज,एक गांव,एक देश सभी को ध्यान में रखकर और सभी अंगों से मिलकर बना है। 26 नवंबर 1949 को बाबा साहेब डॉ०आंबेडकर ने सविंधान को प्रस्तुत किया और अंगीकार कर भारत के लोगों को सौंप दिया गया।सविंधान दिवस पर अगर डॉ०आंबेडकर को याद ना किया जाए तो यह एकदम अधूरा है आइये एक नजर डालते हैं हम कैसे बने इस सविंधान के अंग-भारतीय राजनीति व समाज के ऐतिहासिक परिदृश्य में, डॉ. भीमराव अंबेडकर का उदय एक ऐसे जननेता के रूप में हुआ जिसने व्यक्तिगत संघर्ष की बुनियाद पर अपना सारा जीवन समाज की मुख्यधारा से विमुख, जीवन-यापन कर रहे, वंचितों, शोषितों, पीड़ितों के हक की लड़ाई में समर्पित कर दिया। समग्र विकास की उनकी यह विचारधारा (दृष्टिकोण) संविधान निर्माण के दौरान भी परिलक्षित हुई, जो समानता व सर्वकल्याण की वैचारिकी पर केंद्रित है। तत्कालीन परिस्थिति में संविधान का निर्माण निश्चय ही एक दुरुह कार्य था। ऐसे मुश्किल वक्त में बाबा साहेब ने बड़े ही धीरज के साथ प्रारूप समि

आरक्षित वर्ग एकता मंच ने भरी हुंकार -

         ''सरकार संविधान से छेड़छाड़ करना बंद करे - शोषित समाज पर कुठारघात करना बंद करे '' जयपुर | SC /ST/ OBC  के अधिकारो पर वर्तमान बीजेपी सरकार द्वारा जो कुठारघात निरंतर किया जा रहा है उस पर बहुजन समाज में  भारी आक्रोश है | जिसका सामना सरकार को आगामी विधानसभा चुनावो में देखने को मिलेगा - यह कहना है   मुरारी लाल  जांगिड का वर्तमान समय में दलितों के हत्याचार के मामले में राजस्थान प्रथम स्थान पर आ गया है  और सरकार द्वारा जो आरक्षण के साथ छेड़-छाड़ किया  जा रहा है उसके विपक्ष  में अब 85% मूलनिवासियो का तबका आ चूका है जो सरकार से" सविंधान में वर्णित"  अपने अधिकारों के साथ खिलवाड़ नहीं होने देगा | सरकार द्वारा  वर्तमान समय में  आरक्षण में निम्न  प्रकार से  छेड़-छाड़  किया जा रहा है | {1} नगर -निगम पार्षदों के पदों में कटोती    - जयपुर नगर -निगम में 91 वा र्ड है इनमे से 46 अनारक्षित एवं 45 आरक्षित होने चाहिए किन्तु  पिछले  चुनाव में अनारक्षित पद 57 व् आरक्षित 34 कर दिए गए है | आरक्षित पदों में 11 पदों की कटोती  सरकार द्वारा की गई है | {2} सुप्रीम कोर्ट द्वारा आरक्षण मे