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समुदाय को लेकर अलवर विधायक का बयान से हुई राजनीति गर्म

अलवर। राज्य के अलवर शहर से विधायक बनवारी लाल सिंघल एक समुदाय विशेष को लेकर अपने दिए बयान से विवादों में घिरते नजर आ रहें है। बनवारी के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। उनके बयान को लेकर जहां राजनीति गर्म हो गई है तो वहीं उनके बयान से पार्टी हक्क बक्क है। मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पर वायरल विडियों के अनुसार एक कार्यक्रम के बाद मीडिया से बात करते हुए विधायक बनवारी लाल ने कहा कि समुदाय विशेष के लोग अपराध में लिप्त हैं। जिस वजह से मैं उनसे वोट नहीं मांगता और न मुझे उनके वोट की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वैसे भी समुदाय विशेष के लोग बीजेपी को वोट नहीं देते। बनवारी का कहना है कि मैं उनसे वोट मांगूगा तो वे अपराध में मुझसे मदद मांगने आ जाएंगे। इतना ही नहीं भाजपा विधायक ने अपने इस बयान में पुलिस को भी नहीं छोड़ा। विधायक ने कहा कि कहीं न कहीं पुलिस भी समुदाय विशेष की मदद करती है। इस बार विधायक जी लव जिहाद के बारे में भी अपनी टिप्पणी करने से नहीं चूके। विधायक ने समुदाय विशेष पर आरोप लगाते हुए कहा उनके युवक फेक आईडी बना हिंदू लड़किय़ों को अपने जाल में फंसाते हैं। और इसके

मंत्रिपरिषद में फेरबदल की अटकलों को लेकर विधायकों की बैठक लेगी वसुंधरा राजे

जयपुर। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने मंत्रिपरिषद में फेरबदल को लेकर चल रहे अटकलों के बीच आज शाम 4 बजे जयपुर संभाग के विधायकों की बैठक बुलाई है। इस बैठक में जयपुर ,दौसा, अलवर,सीकर और झुंझुनू जिले के भाजपा विधायक शिरकत करेंगे। आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत के क्या आधार हो सकते है साथ ही क्षेत्र की समस्याओं पर चर्चा की जाएगी।   बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी और संगठन महामंत्री चंद्रशेखर भी मौजूद रहेंगे। गौरतलब है कि उपचुनाव में मिली करारी हार के बाद से ही सत्ता और संगठन के स्तर पर मंथन का दौर जारी है। इसी के चलते संभागवार भाजपा विधायकों की बैठक का दौर चल रहा हैं। इन बैठकों में जयपुर संभाग बच रहा था जिसकी बैठक आज बुलाई गई है। पार्टी के पदाधिकारियों ने बताया कि बैठक में मौजूदा विधायकों से क्षेत्र में आ रही समस्याओं के बारे में जानकारी ली जाएगी। साथ ही आगे आने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा को किस तरह से जीत मिल सकती है इसके लिए सुझाव लिए जाएंगे। जानकारों के अनुसार मंत्रिपरिषद में फेरबदल से पहले पार्टी के शीर्ष पदाधिकारी संभागवार भाजपा विधायकों की बैठक करके संगठन और मुख्यमंत

अब अलवर जीत के लिए CM राजे ने कार्यकर्ताओं को दिया ये मंत्र

अलवर। राजस्थान के अलवर में आगामी 29 जनवरी को होने वाले लोकसभा उपचुनाव के लिए प्रचार की कमान खुद मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने संभाल ली है। भाजपा प्रत्याशी जसवंत सिंह यादव के पक्ष में प्रचार करने के लिए दो दिवसीय दौरे पर रविवार को अलवर पहुंची मुख्यमंत्री ने कई समाजों के प्रतिनिधिमंडलों से मिलकर उनसे नया राजस्थान बनाने के लिए समर्थन मांगा।मुख्यमंत्री राजे अजमेर से सीधे हेलीकॉप्टर से अलवर पहुंची जहां उनका भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी और अलवर के तमाम विधायकों ने उनकी आगवानी की।     मुख्यमंत्री उसके बाद शांतिकुंज स्थित एक होटल पहुंची। दोपहर करीब डेढ़ बजे होटल के समीप एक निजी पैलेस में अलवर शहर, अलवर ग्रामीण, रामगढ़ और राजगढ़-लक्ष्मणगढ़ विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से जनसंवाद किया और भाजपा प्रत्याशी को जिताने के लिए रणनीति तय की साथ ही जीत का मंत्र भी दिया। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे रविवार रात को अलवर शहर में ही रुकेंगी उसके बाद सोमवार को चार विधानसभा इलाकों के विधायकों एवं जनप्रतिनिधियों से जनसंवाद करेंगी।   जानकार सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री 25 जनवरी को अलवर

आहूजा की पत्नी की हालत नाजुक, प्रचार छोड़ जयपुर पहुंचे विधायक

अलवर। राजस्थान में लोकसभा उपचुनाव बेहद करीब है। दोनों पार्टियों के नेता इस समय चुनावी प्रचार में लगे हुए है। वहीं अलवर में भी चुनावी प्रचार-प्रसार जोरों पर है। अलवर के सभी विधायक इस समय चुनावी प्रचार में अपनी ताकत झोंक रहे हैं। वहीं अपने बयानों से चर्चाओं में रहने वाले रामगढ़ विधायक ज्ञानदेव आहूजा भी प्रचार-प्रसार में व्यस्त थे लेकिन अब उन्हें प्रचार छोड़ अचानक जयपुर जाना पड़ गया है। रिपोर्ट के मुताबिक दरअसल, विधायक आहूजा की पत्नी की हालत नाजुक बताई जा रही है, और उन्हें जयपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।  जहां उनका इलाज चल रहा है।

BJP को लेकर सचिन पायलट ने दिया ये बड़ा बयान, कहा...

अजमेर। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट ने कहा कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अजमेर और अलवर की लगातार चार साल तक अनदेखी की। उपचुनाव की घोषणा के बाद जब सीएम को रिपोर्ट मिली कि वे यहां से बुरी तरह हार रही हैं तो उन्होंने लगातार दाैरे किए और घोषणाएं की। जब सरकार का 8-9 माह का कार्यकाल ही रहा है तो इन घोषणाओं का औचित्य क्या रह गया है? जनता सब जान चुकी है, वह इन उपचुनाव में बता देगी, यह उपचुनाव जयपुर ही नहीं, दिल्ली तक के सिंहासन को हिला देगी। पायलट मंगलवार शाम अजमेर में पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह उपचुनाव प्रदेश और देश की राजनीति में अति महत्वपूर्ण हो गया है। तीनों उपचुनाव में 17 विधानसभा क्षेत्रों में जनता किस करवट बैठने वाली है, इस पर सभी की नजर रहेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास अपना कुछ दिखाने के लिए नहीं है। चार साल में राजीव गांधी केंद्र का नाम अटल सेवा केंद्र कर दिया, कांग्रेस के जितने भी प्रोजेक्ट्स हैं, उन्हें ठंडे बस्ते में डाल दिया। मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना का हश्र भी बुरा कर दिया है। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के बीच अनबन का खामियाजा जनता भुगत रही ह

भाजपा ने राजस्थान उपचुनाव में इन प्रत्याशीओं को मैदान में उतारा -

भाजपा ने अजमेर सीट पर रामस्वरूप लाम्बा , अलवर से डॉ जसवंत सिंह को यादव ,विधानसभा मांडलगढ़ सीट से शक्ति सिंह को मैदान में उतारा है |  जयपुर | भाजपा ने आज राजस्थान के उपचुनाव के लिए अपने प्रत्याशियों के नाम की घोषणा कर दी है राजस्थान में तीन उपचुनाव होने है  2 लोकसभा व् 1 विधानसभा के लिए | भाजपा की और से सबसे हॉट सीट अजमेर से - रामस्वरूप लाम्बा को मैदान में उतारा है तो अलवर से डॉ जसवंत सिंह को यादव को मैदान में उतारा है उनका मुकाबला कांग्रेस के प्रत्याशी  डॉ कर्ण सिंह यादव से होगा , वही विधानसभा मांडलगढ़ सीट से शक्ति सिंह को मैदान में उतारा है | कांग्रेस में हलचल तेज   - कांग्रेस पार्टी ने राजस्थान उपचुनाव के लिए प्रत्याशियो के नामो को लेकर जल्द ही घोषणा कर सकती है चुनाव आयोग ने नामांकन की अंतिम तिथि 10 जनवरी रखी है अब मात्र नामांकन के लिए तीन दिन बचे है | तीन उपचुनाव के लिय मतदान 29 जनवरी को होगा | सियासत के मायने - ख़ास एक नजर  राजस्थान के उपचुनाव कांग्रेस और भाजपा के लिए आगामी विधानसभा चुनावो से पहले के सेमी फ़ाइनल के रूप में देखा जा रहा है वही कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलेट अजमेर में

प्रधानमंत्री मोदी राजस्थान में संभाल सकते है चुनावी कमान - आखिर क्यों

प्रधानमंत्री मोदी अब राजस्थान विधानसभा के लिए चुनावी कमान संभाल सकते है सूत्रों के अनुसार गुजरात चुनाव में जिस तरह से अंतिम समय में प्रधानमंत्री मोदी जी ने कमान सम्भाली थी जिसके कारण गुजरात्त में बीजेपी वापस सत्ता पर काबिज हो पाई है उसी तरह से मोदी जी राजस्थान में चुनावी सभा कर कार्यकर्ताओं को विश्वास में ले सकते है | ज्ञात हो -  मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और शीर्ष आलाकमान में कुछ मतभेद है लेकिन राजस्थान में मुख्यमंत्री राजे के नेतृत्व में राजस्थान कि जनता ने बीजेपी को पूर्ण बहुमत दे रखा है जिसके कारण निगम सरकार से लेकर विधायक और सांसद सभी भाजपा के है और श्रीमती राजे इसका पूरा फायदा उठा रही है एक तरह से कहा जाये तो सी .एम् राजे के आगे आला कमान बेबस है अब इसे सी एम् राजे का करिश्माई नेतृत्व कहे जा मोदी मेजिक लेकिन राजस्थान में भाजपा पूर्ण बहुमत से है |  जिस तरह से गुजरात में पाटीदार आन्दोलन में मुख्यमंत्री आनंदी बेन पटेल को इस्तीफा देना पड़ा था ,उसी प्रकार मुख्यमंत्री राजे पर ललित कांड को लेकर घमासान पार्टी के अन्दर और बाहर चला था किन्तु भाजपा आलाकमान मुख्यमंत्री राजे का इस्तीफा नही ले पाई

राजस्थान: उपचुनाव के लिए 29 जनवरी की तारीख तय-

जयपुर।  राजस्थान की दो लोकसभा और एक विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर चुनाव आयोग ने चुनाव की तारीख तय कर दी है। चुनाव आयोग ने उपचुनाव के लिए 29 जनवरी की तारीख तय की है तो इसी के साथ 1 फरवरी को मतगणना की जाएगी । इसके साथ ही 10 जनवरी तक नामांकन करने की अंतिम तारीख है तो प्रत्याशी 15 जनवरी तक अपना नामांकन वापस ले सकते है।   गौरतलब है कि अजमेर सांसद प्रो. सांवरलाला जाट, अलवर सांसद मंहत चांदनाथ और मांडलगढ़ विधायक कीर्ति कुमारी के निधन के बाद तीनो जगह उपचुनाव  होने है  तीनों ही सीटों पर भाजापा का कब्जा था। इन तीन उप चुनावों को राज्य में बेहद ख़ास  माना जा रहा है। क्योंकि राज्य में अगले साल के अंत में  विधानसभा चुनाव होने है   दोनों ही पार्टिया इस चुनाव को सेमीफाइनल के रुप में देख रहें हैं। दोनों ही पार्टियों ने चुनाव में पूरी ताकत झोंक रखी है। तो वहीं कांग्रेस ने अलवर से अपने अपने प्रत्याशी की घोषणा कर दी है। कांग्रेस ने प्रत्याशी के रुप में पूर्व सांसद और पूर्व विधायक डॉक्टर करण सिंह यादव को मैदान में उतारा है।   जबकि मांडलगढ़ और अजमेर को लेकर पार्टी ने अभी कोई भी घोषणा नहीं की है। इ

कांग्रेस पार्टी को सता रहा है हार का डर -

राजस्थान में आगामी दिनों में लोकसभा सीटो के लिए तीन जगह उप चुनाव होने है जिसको लेकर कांग्रेस और बीजेपी पूरी तरफ मुस्तेद है लेकिन शायद  हार के डर से कांग्रेस के दो सीटो से दिग्गज नेताओ के पीछे हटने से - कुछ और ही मायने सामने आ रहे है | जी हाँ हम बात कर रहे है कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष और दिग्गज नेता सचिन पायलेट और अलवर में अपनी ख़ास जगह रखने वाले जिन्हें कांग्रेस के आलाकमान का आशीर्वाद प्राप्त है -  भँवर जितेन्द्र अब इन आरोपों को दरकिनार नहीं किया जा सकता की जहाँ पर लोकसभा के उप चुनाव होने है [caption id="attachment_4485" align="alignright" width="432"] s net[/caption] वहां यह दिग्गज नेता ख़ास स्थान रखते है लेकिन अब यह नेतागण अपनी जगह अन्य लोगो के नाम पर सहमती दे रहे है  इसका क्या कारण हो सकता है -  यह इशारा काफी है समझने हेतु - बीजेपी - बीजेपी के प्रदेश प्रभारी अविनाश राय ने बयान दिया है की कांग्रेस के बड़े नेताओ के उपचुनाव से हाथ खीचना बीजेपी की पहली जीत है  जो उपचुनाव में बीजेपी की जीत सुनिश्चित करती है गोरतलब है - की अलवर से कांग्रेस पार्टी ने लोकसभा उपचु

अलवर उपचुनाव - बाबा बालक नाथ हो सकते है बीजेपी प्रत्याशी -

अलवर लोकसभा के उपचुनाव में कांग्रेस जातिगत कार्ड से चुनाव जीत सकती है क्या ? गुजरात व हिमाचल विधानसभा चुनावों के बाद अब  राजस्थान में लोकसभा के लिए उपचुनावों होने है जिसको लेकर बीजेपी और कांग्रेस अपना पूरा जोर सटीक रणनीति बनाने और उपचुनाव जितने के लिए प्रयासरत है वही कांग्रेस पार्टी  केंद्रीय नेतृव से लेकर राज्य इकाई तक सक्रिय दिखाई दे रही है तो सत्ताधारी बीजेपी कांग्रेस पार्टी की  रणनीति को देख कर अपना इक्का चलेगी | कांग्रेस पार्टी ने लोकसभा चुनाव तिथियों से पहले अलवर के लिए अपने प्रत्याशी के रूप में डॉ. करन सिंह यादव को मैदान में उतार दिया है | इस सीट से 1977 से यादव जाति के उम्मीदवार अधिक जीतते आये  है दो बार को छोड़कर जो 1991व 2009 के लोकसभा चुना [caption id="attachment_4393" align="alignright" width="519"] s net[/caption] वों में ये सीट अलवर राजघराने के उम्मीदवार के कब्जे में रही है अब यह देखना होगा की सत्ताधारी बीजेपी जातिगत आधार देखकर अपना प्रत्याशी मैदान में उतारती है या बीजेपी के स्टार प्रचारक एवं देश के प्रधानमंत्री मोदी जी के विजन  - विकास के न

अन्य राज्यों से ब्याह कर आई लड़कियों के जाति प्रमाण-पत्र में परेशानी न हो: मुख्यमंत्री

10  नवम्बर , 2017 |  जयपुर मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने निर्देश दिए हैं कि अन्य राज्यों से राजस्थान में शादी कर आई विवाहित लड़कियों के जाति प्रमाण-पत्र बनाने में कोई कठिनाई नहीं आनी चाहिए। उन्होंने संभागीय आयुक्त राजेश्वर सिंह एवं प्रभारी सचिव अखिल अरोड़ा को इस संबंध में मुख्य सचिव के साथ बैठक कर इसका नियमानुसार हल निकालने के निर्देश दिए। यहाँ उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री के सामने हरियाणा एवं अन्य राज्यों से राजस्थान खासकर अलवर ब्याह कर लाई गई विवाहित लड़कियों के जाति प्रमाण-पत्र नहीं बनाए जाने की समस्या आई तो उन्होंने इसे गंभीरता से लिया और अधिकारियों को निर्देश दिए। श्रीमती राजे गुरुवार को अलवर ज़िले के बहरोड़ विधान सभा क्षेत्र के जनसंवाद कार्यक्रम में बोल रही थीं। आमजन की अपेक्षाएं जानने के लिए शुरू किया जनसंवाद मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन मुख्यमंत्री को सीधे संवाद के माध्यम से अपनी समस्या बता सके, इसके लिए जनसंवाद कार्यक्रम शुरू किया गया। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से हर वर्ग की समस्याओं को जानने और उनका निराकरण करने का मौका मिलता है। सीधे संवाद में हमें विकास की ज़मीनी हकीकत क