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केंद्र की BJP सरकार के वादे केवल जुमलेबाजी : शरद

पटना।  जनता दल यूनाईटेड (जदयू) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव ने आज कहा कि वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जो वादा किया था उससे देश में परिवर्तन आ सकता था लेकिन अब तक यह वादा केवल जुमलेबाजी साबित हुई है। यादव ने यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि देश की हालत विकट और गंभीर है। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में कोई कामकाज सही ढंग से नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय भाजपा ने दो करोड़ नौजवानों को रोजगार, खेती में लागत का डेढ़ गुना और लोगों के बैंक खाते में 15-15 लाख रुपये देने का वादा किया था, लेकिन उसकी सरकार बनने के बाद अभी तक पूरा नहीं हो सका है। पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि चुनाव के समय‘सबका साथ, सबका विकास’का वादा किया गया था जो अबतक केवल जुमलेबाजी साबित हुई है। डिजिटल इंडिया का नारा दिया गया लेकिन बहुसंख्यक समाज के लोग सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) से वाकिफ नहीं हैं जिसके कारण यह विफल साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया सिर्फ नारा बनकर रह गया है।

शरद यादव ने कहा- खतरे में सिर्फ न्यायपालिका ही नहीं पूरा लोकतंत्र है

नई दिल्ली। जनता दल यूनाइटेड के बागी नेता शरद यादव ने उच्चतम न्यायालय के चार न्यायाधीशों द्वारा इन न्यायालय के कार्यकलाप पर सवाल उठाने पर कहा है कि देश में आज सिर्फ न्यायपालिका ही नहीं बल्कि पूरा लोकतंत्र खतरे में है। यादव ने आज यहां संवाददाताओं से कहा‘ न्यायपालिका लोकतंत्र के महत्वपूर्ण स्तंभों में से एक है। आज केवल यही नहीं बल्कि लोकतंत्र के अन्य स्तंभ भी खतरे में हैं। न्यायाधीशों ने यह सही कदम उठाया और अंदर की पोल खोल दी है। यादव की यह प्रतिक्रिया उच्चतम न्यायालय के चार मुख्य न्यायाधीशों के आज बुलाए गए उस संवाददाता सम्मेलन के बाद आयी है जिमसें उन्होंने मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा पर खुलेआम आरोप लगाते हुए कहा है कि देश की सर्वोच्च अदालत की कार्यप्रणाली में प्रशासनिक व्यवस्थाओं का पालन नहीं किया जा रहा है और मुख्य न्यायाधीश द्वारा न्यायिक पीठों को सुनवाई के लिये मुकदमे मनमाने ढंग से आवंटित किये जा रहे हैं जिससे न्यायपालिका की विश्वसनीयता पर दाग लग रहा है।   उच्चतम न्यायालय में दूसरे वरिष्ठतम न्यायाधीश जस्ती चेलमेश्वर ने न्यायमूर्ति रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर और न्यायमूर्ति क