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Showing posts with the label Rajasthan Assembly

सीपी जोशी की अचानक बढ़ी सक्रियता से कांग्रेस में उथल-पुथल

जयपुर। राजस्थान विधानसभा चुनाव के नजदीक आते ही प्रदेश में कांग्रेस की अंदरुनी राजनीति भी करवटें बदलने लगी है। कांग्रेस में बन रहे नए सत्ता केन्द्रों के बीच कभी प्रदेश की राजनीति की अहम धुरी रहे राष्ट्रीय महासचिव सीपी जोशी की अचानक बढ़ी सक्रियता इसमें उथल पुथल मचा रही है। तमाम अन्तर्विरोधों के बीच मांडलगढ़ में जिस रणनीति के सहारे उन्होंने विवेक धाकड़ को जिताया है, उसका लोहा केन्द्रीय नेतृत्व ने भी माना है।इस जीत के बाद बढ़ी उनकी सक्रियता ने उनके समर्थकों को तो लामबंद कर ही दिया है साथ ही उस धारणा को भी कांग्रेस में निर्मूल कर दिया है कि कांग्रेस में गहलोत और पायलट गुट ही बचे है। सीपी जोशी के रूप में तीसरे गुट के रूप में उनकी धमाकेदार वापसी दूसरे गुटों में हलचल मचा दी है। अब यह माने जाने लगा है कि राजस्थान में कांग्रेस की टिकटों या संगठन को लेकर कुछ भी फैसला होगा,वह सीपी जोशी की बिना सहमति से संभव नहीं होगा। सीपी जोशी की धमाकेदार सक्रियता कांग्रेस में जमीनी स्तर पर दिखाई भी देने लगी है। उनके प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रहने के दौरान जो उनके समर्थक थे, वे कुछ समय से निष्क्रिय हो गए थे। उन्हो

स्वाइन फ्लू पॉजिटिव और नेगेटिव के फेर में फंसे कल्याण सिंह

जयपुर। राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह स्वाईन फ्लू से ग्रस्त नहीं है और वह पूर्णत स्वस्थ हैं।राजभवन की ओर से आज यहां जारी बयान के अनुसार बदलते मौसम के प्रभाव के कारण उन्हें सामान्य सर्दी जुकाम हुआ है और वह अभी दिल्ली में है। कल्याण सिंह मंगलवार को दिल्ली से अलीगढ़ जायेंगे जहां सात मार्च को अपनी पोती पूर्णिमा सिंह के विवाह समारोह में भाग लेंगे। उल्लेखनीय है कि राजस्थान के सबसे बड़े सवाई मानसिंह अस्पताल में राज्यपाल के स्वास्थ्य की जांच की गयी और अस्पताल की रिपोर्ट में उन्हें स्वाईन फ्लू पोजीटिव होने की जानकारी दी गयी। इसके बाद से ही प्रदेश में राजनैतिक हलचल शुरू हो गयी। सवाई मानसिंह अस्पताल की रिपोर्ट के बाद आज अपोलो अस्पताल, दिल्ली में पुन जाँच कराई गई, जहाँ सिंह को स्वाइन फ्लू नहीं पाया गया। अपोलो अस्पताल में जांच के बाद चिकित्सकों ने सिंह को घर जाने की अनुमति दे दी। राज्यपाल की नियमित स्वास्थ्य जाँच व उपचार का परामर्श अपोलो अस्पताल से लिया जाता है। अधिकृत सूत्रों के अनुसार एस.एम.एस. अस्पताल, जयपुर द्वारा दी गई जाँच रिपार्ट को गंभीरता से लिया है एवं ऐसा किन परिस्थितियों में हुआ, इसकी

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने की घोषणा, विवादित विधेयक वापस....

जयपुर। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने राजस्थान विधानसभा में आज विवादास्पद 'दंड विधियां संशोधन विधेयक’ को सदन की प्रवर समिति से वापस लेने की घोषणा की। विवादास्पद दंड विधियां संशोधन विधेयक को लेकर विपक्ष सहित कई जनसंगठनों ने सरकार पर तीखे प्रहार किये थे। सदन में वसुंधरा राजे द्वारा पेश बजट पर चर्चा का जवाब के दौरान कहा कि जिस विधेयक को हमने प्रवर समिति को भेजा और अध्यादेश की अवधि समाप्त हो गयी। फिर भी हम इसे प्रवर समिति से वापस ले रहें है। राजस्थान सरकार ने 6 सितम्बर 2017 को यह अध्यादेश लाई थी और इसे 23 अक्टूबर 2017 को विधेयक विधानसभा में पेश किया गया।

विवादित विधेयक वापस, जनादेश के आगे झुकी सरकार

जयपुर। राजस्थान विधानसभा में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने आज विवादास्पद 'दंड विधियां संशोधन विधेयक’ को सदन की प्रवर समिति से वापस लेने की घोषणा की। विवादास्पद दंड विधियां संशोधन विधेयक को लेकर विपक्ष सहित कई जनसंगठनों ने सरकार पर तीखे प्रहार किये थे। सदन में वसुंधरा राजे द्वारा पेश बजट पर चर्चा का जवाब के दौरान कहा कि जिस विधेयक को हमने प्रवर समिति को भेजा और अध्यादेश की अवधि समाप्त हो गयी। फिर भी हम इसे प्रवर समिति से वापस ले रहें है। राजस्थान सरकार ने 6 सितम्बर 2017 को यह अध्यादेश लाई थी और इसे 23 अक्टूबर 2017 को विधेयक विधानसभा में पेश किया गया।

रामेश्वर डूडी के स्पष्टीकरण देने की मांग को लेकर प्रश्नकाल में हंगामा

जयपुर। राजस्थान विधानसभा में प्रतिपक्ष नेता रामेश्वर डूडी के स्पष्टीकरण देने की मांग को लेकर प्रश्नकाल में आज जोर दार हंगामा हुआ जिसके कारण आठ मिनट तक सदन की कार्यवाही बाधित हुयी। विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस के गोविंद डोटासरा ने खडे होकर आसन से सत्ता पक्ष द्वारा शुक्रवार को प्रतिपक्ष के नेता रामेश्वर डूडी पर लगाये गये व्यक्तिगत आरोपों का मुद्दा उठाते हुये आसन से संरक्षण की मांग की।   उन्होंने कहा कि सदन में सत्ता पक्ष द्वारा बगैर किसी नियम के नेता प्रतिपक्ष पर व्यक्तिगत आरोप लगाये गये ओर उन्हें स्पष्टीकरण नहीं देने दिया गया। नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी ने भी कहा कि आसन ने उनकी बात सुने बिना ही शुक्रवार को सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को सत्ता पक्ष द्वारा प्रतिपक्ष के नेता पर व्यक्तिगत आरोप लगाते हुये सदन की कार्यवाही नहीं चलने दी। इस पर सत्ता पक्ष की ओर से संसदीय कार्यमंत्री राजेन्द्र राठोड, सचेतक मदन राठौड सहित अनेक सदस्य खडे होकर जोर-जोर से बोलने लगे। हंगामे के दोरान ही प्रतिपक्ष की ओर से डोटासरा, शकुंतला राव सहित अनेक सदस्यों ने कहा कि हम

विधायक के सदन से बहिर्गमन करने पर उपाध्यक्ष ने व्यक्त की नाराजगी

जयपुर। राजस्थान विधानसभा में आज सार्वजनिक निर्माण मंत्री द्वारा जवाब के दौरान सदन से बहिर्गमन करने पर उपाध्यक्ष राव राजेन्द्र सिंह ने नाराजगी व्यक्त की। शून्यकाल में निवाई से भाजपा विधायक हीरालाल ने उनके विधानसभा क्षेत्र में खराब सडकों का मामला उठाया, लेकिन जब सार्वजनिक निर्माण मंत्री यूनुस खान सदस्य द्वारा उठाये गये मामले पर जवाब दे रहे थे। उसी दौरान विधायक ने सदन से बहिर्गमन कर दिया जिससे उपाध्यक्ष राव राजेन्द्र सिंह ने अपनी नाराजगी प्रकट करते हुए कहा कि जब आपके प्रश्न का या आपके वक्तव्य पर मंत्री प्रतिक्रिया दे रहे हो, तो कम से कम सम्मान आपको मंत्री की बात को सुननी चाहिए और जब मंत्री बोलते है तो सम्पूर्ण सरकार की तरफ से बोलते है। उन्होंने कहा कि सदस्य मंत्री का सम्पूर्ण जवाब सुनने से पहले ही बहिर्गमन कर गये और सत्ता पक्ष का सदस्य होने के उपरांत उन्होंने ऐसा किया है आसन इसको बहुत सख्ती से लेता है। इसी बीच भाजपा सदस्य हीरालाल सदन में पहुंचे और कहा कि उन्हें जुकाम हो रहा है और वे पानी पीने गये थे। संसदीय कार्यमंत्री राजेन्द्र राठौड और सरकारी सचेतक कालू लाल गुर्जर के सदन में नहीं होने