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CAA पर केरल और पंजाब के बाद राजस्थान विधानसभा में प्रस्ताव -

सीएए पर केरल और पंजाब के बाद राजस्थान विधानसभा में प्रस्ताव --------------------------------------------- लेकिन सीएए के अलावा एनआरसी, एनपीआर, जातीय जनगणना और ओब ीसी को लोकसभा व विधानसभाओं में आरक्षण दिलवाने पर भी प्रस्ताव आना चाहिए  - जयपुर | नागरिकता संशोधन क़ानून (सीएए), नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन (एनआरसी) और नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर (एनपीआर) को लेकर देशभर में समस्त विपक्षी दल और विभिन्न जन संगठन आन्दोलन कर रहे हैं। सीएए जो कि संविधान की मूल भावना के खिलाफ बनाया गया है, उसके माध्यम से भाजपा वोटों का ध्रुवीकरण कर बंगाल जैसे राज्य में चुनाव जीतना चाह रही है, साथ ही समस्त विपक्षी दलों को हिन्दू विरोधी साबित करने का भी प्रयास कर रही है। लेकिन भाजपा का यह प्रयास पूरी तरह से विफल हो गया है, क्योंकि देशभर में असंख्य हिन्दू भाजपा की इस मन्शा को पहचान गए हैं और वो आज CAA  के खिलाफ आन्दोलन कर रहे हैं |   CAA  के खिलाफ़ एक दर्जन से अधिक राज्य विरोध का बिगुल बजा चुके हैं। यहाँ तक कि भाजपा शासित असम और भाजपा जेडीयू गठबंधन से शासित बिहार जैसे राज्य भी इस काले कानून के विरोध में खड़े हो गए हैं तथा इन सभी

अप्रैल 2020 में शुरू होगी जनगणना, एनपीआर में होंगे 8 नए सवाल

नई दिल्ली। राष्‍ट्रीय जनसंख्‍या रजिस्‍टर (एनपीआर) को अपडेट करने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्‍यक्षता में केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल ने भारत की जनगणना-2021 की प्रक्रिया शुरू करने को मंजूरी दे दी है।एनपीआर अपडेशन में असम को छोड़कर देश की बाकी आबादी को शामिल किया जाएगा। राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर  पहली बार 2010 में तैयार किया गया था। इसके दो प्रमुख उद्देश्य बताए गए थे। पहला- देश के सभी निवासियों के व्यक्तिगत ब्योरे का इकट्ठा करना. दूसरा- ग्रामीण और नगरीय क्षेत्र के 15 साल और इससे ज्यादा उम्र के सभी निवासियों के फोटोग्राफ और अंगुलियों की छाप लेना. 2010 के इस राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर को बनाने के लिए 15 बिंदुओं पर डेटा इकट्ठा किया गया था। नए रजिस्टर में आठ बिंदु और जोड़े गए हैं। 2010 में तैयार हुआ था पहला जनसंख्या रजिस्टर2010 के रजिस्टर में मांगी गई थी 15 जानकारीनए रजिस्टर में 8 नए बिंदुओं पर मांगी गई जानकारी राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) पहली बार 2010 में तैयार किया गया था। 2010 के इस राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर को बनाने के लिए 15 बिंदुओं पर डेटा इकट्ठा किया गया था। 1- व्यक्ति का नाम 2

NPR अपडेट करने को कैबिनेट की मंजूरी, जनगणना के लिए नयी टेक्नोलॉजी

नई दिल्ली। भारत में ब्रिटिश जमाने से देश की जनसंख्या की जनगणना होती है। आजादी के बाद अब तक 7 बार जनगणना हो चुकी है, अब आठवीं बार होगी। इसमें सभी लोगों की गिनती मुद्दा होता है। आने वाले यानी 2020 के अप्रैल से सितंबर तक यह काम चलेगा। लाखों लोगों को इसमें शामिल किया जाएगा। इस बार टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से इस प्रक्रिया को आसान बनाने का काम किया गया है। इसके लिए ऐप तैयार किया गया है। इसके लिए इस बार नई तकनीक का इस्तेमाल होगा। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को कई अहम फैसले लिए है। कैबिनेट बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर (Prakash Javadekar) ने मीडिया को कैबिनेट फैसलों की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि NPR अपडेट करने को कैबिनेट की मंजूरी दी गई है। प्रकाश जावडेकर ने NRP के फायदे भी गिनाए। उन्होंने कहा कि इससे तीन फायदे होंगे। आयुष्मान योजना जैसे सभी स्कीम के लिए सही पहचान करने में आसानी होगी। सही और सभी लाभार्थियों तक पैसा पहुंचेगा। उन्होंने बताया कि एनपीआर का एनआरसी से कोई संबंध नहीं है। इसे यूपीए सरकार ने शुरू किया था। यह अच्छा काम था जिसे हम जारी रख रहे हैं। एनपीआर पहली बार 201