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सुप्रीम कोर्ट: लोकसभा चुनाव आंकड़ों में विसंगति की जांच की याचिका पर चुनाव आयोग को नोटिस

दिल्ली। एडीआर ने अपने विशेषज्ञों की टीम के शोध आंकड़ों को हवाला देते हुये कहा है कि 2019 में सम्पन्न हुये चुनावों में विभिन्न सीटों पर मतदाताओं की संख्या और मत प्रतिशत और गिनती किये गये मतों की संख्या के बारे में आयोग द्वारा उपलब्ध कराये गये आंकड़ों मे गंभीर विसंगतियां हैं। सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर गैर सरकारी संगठन एडीआर और कॉमन कॉज ने निर्वाचन आयोग को भविष्य के सभी चुनावों में आंकड़ों की विसंगति की जांच के लिए पुख्ता प्रक्रिया तैयार करने का निदेश देने का अनुरोध किया है। सुप्रीम कोर्ट ने 2019 के लोकसभा चुनावों में 347 निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान और गणना में मतों की संख्या में कथित विसंगतियों की जांच के लिए दो गैर सरकारी संगठनों की जनहित याचिका पर शुकवार को निर्वाचन आयोग को नोटिस जारी किया. प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने इसके साथ ही इन याचिकाओं को पहले से लंबित मामले के साथ संलग्न करते हुये कहा कि इन पर फरवरी, 2020 में सुनवाई होगी। याचिका में दावा किया गया है कि उनके शोध के दौरान अनेक विसंगतियों का पता चला. याचिका में कहा गया है कि ये विसंगतियां एक मत से

केंद्र की BJP सरकार के वादे केवल जुमलेबाजी : शरद

पटना।  जनता दल यूनाईटेड (जदयू) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव ने आज कहा कि वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जो वादा किया था उससे देश में परिवर्तन आ सकता था लेकिन अब तक यह वादा केवल जुमलेबाजी साबित हुई है। यादव ने यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि देश की हालत विकट और गंभीर है। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में कोई कामकाज सही ढंग से नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय भाजपा ने दो करोड़ नौजवानों को रोजगार, खेती में लागत का डेढ़ गुना और लोगों के बैंक खाते में 15-15 लाख रुपये देने का वादा किया था, लेकिन उसकी सरकार बनने के बाद अभी तक पूरा नहीं हो सका है। पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि चुनाव के समय‘सबका साथ, सबका विकास’का वादा किया गया था जो अबतक केवल जुमलेबाजी साबित हुई है। डिजिटल इंडिया का नारा दिया गया लेकिन बहुसंख्यक समाज के लोग सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) से वाकिफ नहीं हैं जिसके कारण यह विफल साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया सिर्फ नारा बनकर रह गया है।