Skip to main content

Posts

Showing posts with the label Assembly

वसुन्धरा राजे ने विधायकों के लिए इसे बताया सबसे अच्छी पाठशाला

जयपुर। राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने कहा कि विधायकों के लिए विधानसभा ही सबसे अच्छी पाठशाला है जहां हम विधायी कार्यों से लेकर सभी तरह के नियम और प्रक्रियाओं को सीखते हैं। उन्होंने कहा कि जनता एक विधायक को अपने प्रतिनिधि के रूप में चुनकर भेजती है, ऐसे में विधायकों को जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना चाहिए। राजे ने मंगलवार को विधानसभा में सर्वश्रेष्ठ विधायक सम्मान समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि जिस प्रकार इन विधायकों ने संसदीय परम्पराओं का निर्वहन किया है, वह सभी के लिए प्रेरणादाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्ता पक्ष और प्रतिपक्ष सदन में लोकतंत्र के दो पहिए होते हैं। इसलिए सत्ता पक्ष और प्रतिपक्ष के साथी विधायकों के साथ हमारा व्यवहार समान रूप से सरल और मृदु होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पक्ष-प्रतिपक्ष की भावना से ऊपर उठकर ही सदन के विभिन्न सदस्यों को सर्वश्रेष्ठ विधायक के रूप में चयन किया गया है। समारोह में शांतिलाल चपलोत को वर्ष 2003-04 के लिए, भरत सिंह को 2007, राजेन्द्र राठौड़ को 2009, गुलाबचंद कटारिया को 2010, अमराराम को 2011, सूर्यकंाता व्यास को 2012, राव राजेन्द्र सिंह क

संसाधनों की उपलब्धता पर ट्रोमा सेंटर खोले जाएंगे : कालीचरण सराफ

जयपुर। राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ ने कहा कि वित्तीय संसाधन उपलब्ध होने पर आवश्यकतानुसार ट्रोमा सेंटर स्थापित किए जाएंगे। सराफ ने शुक्रवार को विधानसभा में प्रश्नकाल में विधायक मामन सिंह के प्रश्न का जवाब देते हुए कहा कि भिवाड़ी की विशेष परिस्थितियों को देखते हुए वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर वहां ट्रोमा सेंटर खोलने पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भिवाड़ी में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के स्थानांतरण के संबंध में सीएमएचओ से रिपोर्ट आ गई है एवं जिला कलेक्टर की रिपोर्ट अपेक्षित है। रिपोर्ट के प्राप्त होने के बाद ही इस संबंध में उचित निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ट्रोमा सेन्टर खोलने के मापदण्डों के मुताबिक 2 ट्रोमा सेन्टरों के मध्य 100 किलोमीटर की दूरी होना है। भिवाड़ी से 80 किलोमीटर दूर अलवर में और 75 किलोमीटर दूर बहरोड में ट्रोमा सेन्टर स्थापित हैं।अत: वर्तमान में भिवाड़ी में ट्रोमा सेन्टर खोलने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। उन्होंने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भिवाड़ी पर ब्लड स्टोरेज यूनिट के लिए 20 फरवरी 2018 को ही लाइसेंस जारी

किसानों को औसतन 58 हजार रुपये का अल्पकालीन ब्याज मुक्त फसली ऋण का वितरण

जयपुर। राजस्थान के सहकारिता मंत्री अजय सिंह किलक ने आज विधानसभा में बताया कि प्रदेश में केन्द्रीय सहकारी बैंकों से जुड़े किसानों को औसतन 58 हजार रुपये का अल्पकालीन ब्याज मुक्त फसली ऋण का वितरण किया गया है। किलक ने प्रश्नकाल में विधायकों द्वारा पूछे गये पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा कि यह एक रिकार्ड है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने गत चार वर्षों में 61 हजार 500 करोड़ रुपये से अधिक का ब्याज मुक्त ऋण किसानों को वितरित किया है जबकि गत सरकार ने अपने पांच वर्ष के कार्यकाल के दौरान लगभग 25 हजार करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त फसली ऋण किसानों को बांटा था। उन्होंने कहा कि किसानों को वित्तीय संसाधनों के आधार पर ऋण वितरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे द्वारा की गई बजट घोषणा में 30 सितम्बर 2017 तक लघु एवं सीमान्त किसानों के बकाया ऋण में समस्त ब्याज एवं शास्तियों को माफ किया गया है और लघु एवं सीमान्त किसानों 30 सितम्बर, 2017 तक बकाया अल्पकालीन फसली ऋण में से 50 हजार तक का कर्ज माफ होगा। इससे प्रदेश के 20 लाख से अधिक किसानों को फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि भरतपुर केन्द

मुख्यमंत्री ने चुनावी बजट में आम आदमी को किया है निराश: पायलट

जयपुर। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की ओर से विधानसभा में पेश बजट को चुनावी बजट बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने बजट में महंगाई का जिक्र नहीं कर आम आदमी को निराश किया है।राज्य बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए पायलट ने कहा कि मुख्यमंत्री ने किसानों व दूसरे वर्गों के लिए जो घोषणाएं की है उसे पूरा करने का सरकार के पास समय ही नहीं बचा है तो किसानों को कैसे लाभ पहुंचेगा। किसानों के पचास हजार तक के सहकारी बैंकों के कर्ज माफ करने की घोषणा पर उन्होंने कहा कि भाजपा शासित उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में किसानों के 35 से 40 हजार करोड़ तक के कर्ज माफ किए हैं जबकि राजस्थान में पचास हजार रुपये में तो अच्छी भैंस भी नहीं खरीद सकते। पायलट ने कहा कि उपचुनाव में करारी हार और कांग्रेस के लगातार दबाव के कारण इस बजट में किसानों के कर्ज माफ करने की घोषणा की गई है और सरकारी स्कूलों को पीपीपी मोड पर देने का निर्णय वापस लेना पड़ा है। एक सवाल के जवाब में पायलट ने कहा कि उपचुनाव में हार के बाद यह बजट नुकसान की भरपाई की बजाय नुकसानदायक साबित होगा क्योंकि इसमें किसी वर्ग के लिए कुछ