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भट्टा बस्ती क्षेत्र - बाल श्रमिक को कारखाने मालिक ने भयंकर मारपीट कर आधी रात में भगाया

जयपुर | जयपुर का भट्टा बस्ती क्षेत्र बाल श्रमिको का केंद बना हुआ है लम्बे समय से वही भट्टा बस्ती शास्त्री नगर पुलिस थाने की कारवाई हमेशा संदिग्ध रहती है उसका ही ताजा उदाहरण आज देखने को मिला . जिसमे एक चूड़ी कारखाने में कार्यरत बाल श्रमिक को लॉक डाउन के समय में ही चूड़ी कारखाने के मालिक ने भयंकर रूप से मारपीट कर घर से भगा दिया जिसके बाद बाल श्रमिक ( रिंकू परिवर्तन नाम )   उस क्षेत्र से  डर के कारण भाग गया . बाद में वह बाल श्रमिको के लियें कार्यरत संस्था चाइल्ड राइट वॉच ग्रुप के संयोजक बसंत हरियाणा  के सम्पर्क में आया जिसके बाद बच्चे को बाल कल्याण समिति के सौपा गया | चाइल्ड राइट वॉच ग्रुप के संयोजक बसंत हरियाणा ने कहा - दिनांक 24 मई रविवार 2020 को मुझे बसन्त हरियाणा को सूचना प्राप्त हुई कि भट्टा बस्ती थाना क्षेत्र में एक बाल श्रमिक जिसे उसके कारखाना मालिक द्वारा भयंकर रूप से मारा गया था। वह मार खाने के बाद वह बालक भाग कर दो दिन तक भट्टा बस्ती क्षेत्र में ही इधर उधर छिप रहा हैं । दो दिन बाद जब उस पर नज़र क्षेत्र के ही कुछ संवेदनशील और जागरूक नागरिको की पड़ी तो उन्होंने उसे भट्टा बस्ती थाने मे

प्रवासी मजदूर कौन हैं और यह राजनीति का शिकार क्यों हो रहें हैं - क्या इनकी जाति इनकी दुर्गति का कारण हैं

जाति जो कभी नहीं जाती - प्रवासी मजदुर  आज हम जिस विषय पर बात करनें जा रहें हैं आप उससे कुछ सहमत भी हो सकते हैं तो कुछ हमें अपशब्द कह सकते हैं खैर आप को अपना पक्ष रखने का अधिकार भारत का संविधान देता हैं जिसे डॉ बाबा साहब अंबेडकर ने लिखा हैं | आज वैश्विक महामारी कोविद 19 ने देश में नकारात्मक प्रभाव अधिक डाला हैं जिस प्रकार 1947 में देश का बटवारा होआ था तब भी गरीब दलित व असहाय लोग इन गैर जिम्मेदार नेताओं की बंदर बाट व निजी स्वार्थ के चलते देश का बंटवारा भी कर दिया था जिसके चलते लाखों ग़रीब दलित मुस्लिम मौत के मुंह मे समा गयें थे और भी हैवानियत की और भी घटनाओं का जिक्र इतिहास के पन्ने में आप को लिखा मिल जायेगा | [caption id="attachment_10917" align="alignnone" width="959"] pic - s - net[/caption] आज वैश्विक महामारी कोविद ने प्रवासी मजदूर जो अपने जीवन ज्ञापन के लियें देश के एक कोने से दूसरे कोने जाता हैं जिससे वह अपना जीवन व्यापन कर सके और अपने पत्नी बच्चों का पालन पोषण कर सकें ,कोई भी प्रवासी मजदूर अपनी मर्जी से अपना घर नहीं छोड़ता  लेकिन उसकी आर्थिक स्थिति व प

प्रवासी मजदूरो की हत्या की ज़िम्मेदारी कोनसी सरकार लेगी केंद्र या राज्य - राहुल चोधरी

Corona battle with global epidemic The rich are suffering the brunt of the flattening of the people - the people of India and 130 crore people - administration has been careless - Rahul Chodhari जयपुर | जयपुर की तंग गलियों में चार दिवारी क्षेत्र में इन दिनों कुछ युवा जरूरतमंद ,गरीबो को राशन पहुँचाने व् खाना खिलाने का काम करते देखे जा रहे है , पिछले कुछ दिनों में पेंटर कॉलोनी व्  जयपुर के कई क्षेत्रो में इन्हें देखा गया जब हमारी टीम ने इनसे बात की तो पता लगा की इनमें से कुछ पत्रकार है, कुछ वामपंथी छात्र संगठनों से है, कुछ वामपंथी पार्टियों से हैं, कुछ जमीयत उलेमा हिन्द से है ये ज्यादातर जयपुर से हैं कुछ बाहर के है और लॉक डाउन में फँस गए है पूछताछ करने पर पता चला कि इनमें से एक पत्रकार भी है जिनका नाम ईशा शर्मा है जो न्यूज़ बाईट में कंटेंट एडिटर है और लोक डाउन में फंस गई हैं और वर्क फ्रॉम होम कर रहीं है और बाकी समय मे माइग्रेंट वर्कर्स को खाना बाँटने का काम करती है, इस हेतु वो पूरा दिन ये योजनाएं भी बनाती है कि कहा से खाना मिल सकता है | दूसरा नाम है राहुल चौधरी जो राज्य सरकार की लॉक डाउन