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राजस्थान अब " दलितअत्याचारस्थान " - लॉक डाउन के समय में दलितों अत्याचारों में बढ़ोतरी - प्रशासन की करवाई संदिग्ध

लॉक डाउन की आड़ में दलित अत्याचार चरम पर -



जयपुर |  यूपी के संभल की ताजा घटना आप को याद होगी की किस प्रकार दलित नेता  { पिता - बेटे  } की किस प्रकार सभी गांववासियों के सामने गोली मार के हत्या कर दी गई थी अकसर हमारे सामने यूपी की घटना तो सामने आती है लेकिन अब राजस्थान भी दलित .वंचित व् गरीबो पर अधिक हत्याचार हो रहे हैं वैसे  वर्तमान समय में दलित हत्याचार के मामलो में राजस्थान प्रथम स्थान पर है   

राजस्थान के युवा सामाजिक कार्यकर्ता रवि कुमार मेघवाल ने कहा -

 

वर्तमान लॉक डाउन के समय में जब लोग अपने घरो में केद है फिर भी दलितों पर अत्याचार

सवर्णों द्वारा अधिक हो रही है जैसे -

गांव सूरतपुरा, मंडावरी  पुलिस थाना, लालसोट (राज. ) प्रकरण 

दिनांक 15 मई 2020 को सुबह 7 :30 बजे  सुरतपुरा डालिया की ढाणी मैं एक दलित परिवार के सदस्यों में गाय के खेतों में घुसने संबंधित  विवाद हो गया था जिसके बाद झगड़े में कुछ दलित परिवार के सदस्यों को गंभीर चोट आई वह स्थानीय अस्पताल में अपना इलाज करा रहें थे जब पुलिस प्रशासन को घटना की जानकारी हुई तो पुलिस पीडितो के घर जाकर जांच करने के बजायें पीड़ित परिवार के बच्चे महिला व्  बुर्जुर्ग को बुरी तरह से पीटा जब परिवार के अन्य सदस्य उन्हें छोड़ने के लियें कहा तो पुलिस ने अतरिक्त पुलिस बुला कर बीना वर्दी के पीड़ित दलित परिवार के घर में तोड़फोड़ की वही सभी लोगो को बुरी तरह से पीटा जिससे परिवार दशहत में है अब सवाल यह है की पुलिस को पीड़ित परिवार को मारने का हक्क किसने दिया और क्यों नहीं पीड़ित दलित परिवार की FIR दर्ज क्यों नहीं की , अब इस केस में सामाजिक लोग बड़े अधिकारीयों से मीटिंग कर रहें है ताकि पीडितो को न्याय मिल सके |

किशनगढ़ रेनवाल के गाँव -लुनिवास की घटना 

दिनाँक 30 अप्रैल 2020 को गांव लुनियावास निवासी पीड़ित सुभाष वर्मा की बकरी पड़ोसी के खेत मे जाने को लेकर हुई कहासुनी से मामला यहां तक बढ़ गया कि आरोपी कुल्हाड़ी,डण्डे लेकर जातिसूचक शब्दो से अपमानित करते हुए दलित परिवार के घर पर जानलेवा हमला कर दिया और परिवार से मारपीट की , जिसका वीडियो सोशल मिडिया पर वायरल हो रहा है

अगले दिन 01 मई 2020 को पीड़ित सुभाष वर्मा रेनवाल पुलिस थाने जाकर मामला दर्ज करवाने के लिए रिपोर्ट दी, लेकिन पुलिस प्रशासन की ओर  दिनाँक 14 मई 2020 तक मामला दर्ज नही किया। अब जब सामाजिक कार्यकर्ता ओं  ने fir दर्ज करने का दबाब प्रशासन पर बनाया जब जाकर अब पुलिस प्रशासन ने FIR दर्ज की है वह आरोपीयो पर अभी तक कोई कार्यवाई नहीं हुई है जिनमे आरोपी मुकेश जांगिड़, उत्तम शर्मा, जगदीश कुमावत, चंद्रप्रकाश शर्मा है। जो आज तक खुलेआम घूम रहे है और पीड़ित पक्ष को धमकियां दे रहे है।

अब पीड़ित पक्ष अपना बचाओं करते आरोपियों के डर दहशत में जीवन जी रहें है लेकिन प्रशासन ने कोई कार्यवाही नहीं की |

सीकर जिले के नीमकाथाना में दलित परिवार की जमीन हडपने का प्रयास - दलितों के साथ मारपीट 

सीकर जिले के नीमकाथाना की ग्राम डुडियों की ढाणी में बलाई समाज  के परिवार पर अचानक लगभग एक दर्जन जाट समुदाय के महिपाल, रोहितास, बाबूलाल, सुरेश,गणपत, वंशीधर, धर्मपाल, सुखराम, सुवा राम,झुमा देवी,कोयली देवी ( fir में  दर्ज नाम )  लोगो ने धारदार हथियारों से हमला कर दिया जिससे रामकिशन के परिवार को गम्भीर चोटे लगीं हैं।

पीड़ित के परिजनों ने बताया कि उक्त लोगो ने काफी बार अनुसूचित जाति के परिवार पर हमला करने का प्रयास किया है। व खुलेआम जातिसूचक गालियां देते हैं।

पीडित परिवार के परिजन रामकिशन ने बताया कि उक्त परिवार अवैध खनन जैसे काम करता है व पिछले काफी समय से हमारी जमीन पर कब्जा करने का प्रयास करते हैं। हम इसका विरोध किया तो हमला कर दिया।पीड़ित परिवार ने सदर थाना नीमकाथाना में 20 मई 2020 बुधवार को fir दर्ज 0137/20 करवाई है।

उपरोक्त दलितों पर अत्याचार तो वह है इस लॉक डाउन के समय जो सुर्खियों में जिनका सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके है तो आप देख सकते हैं की राजस्थान में सवर्णों द्वारा दलितों पर अत्याचार हो ही रहें है साथ ही अब तो सवर्ण अधिकारी जो प्रशासन में बठे है दलितों पीडितो की fir तक दर्ज नहीं  करते जो की स्थानीय कांग्रेस सरकार व् प्रशासन के लियें शर्म की बात हैं अब पीडितो के लियें समाज के लोग व् युवा साथी आगें आ रहें हैं |

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