Skip to main content

Posts

Showing posts from May, 2020

आज ट्विटर पर # अंधविश्वास _मुक्त _भारत ट्रेंड कर रहा हैं आख़िर क्यों

नई दिल्ली | आज ट्विटर पर # अंधविश्वास _मुक्त _भारत ट्रेंड कर रहा हैं इससे कुछ दिन पहले भी ट्विटर पर " #India_against_pakhand " ट्रेंड कर चूका है आखिर आज देश में एक अलग तरह की लहर चल रही हैं आज लोग  ट्विटर पर अपनी प्रतिक्रिया देने से नहीं हिचकिचाते | वैश्विक महामारी COVID - 19 ने भारत में लोगों का धर्म से विश्वास उठ सा चूका हैं  , आज भारत का पढ़ा लिखा व्यक्ति तर्कसंगत वैज्ञानिक द्रष्टिकोण को अपना रहा हैं . वह अब मंदिर नहीं अस्पताल की बात कर रहा हैं यह बुनियादी परिवर्तन वैज्ञानिक द्रष्टिकोण अपना कर भारत देश में कुप्रथा के रूप विधमान " अंध विश्वास ,पाखंड " से दूर जा रहा हैं यह एक अच्छी पहल हैं इससे पहले भारत देश में लगभग 5 हजार साल से अंध विश्वास पाखण्ड , दुर्ष्ट अभिचारी लोग धार्मिक स्थलों  के ठेकेदार ,सेवादार बनकर कही " नर बलि " दे कर भारत से कोरोना को भगाने में लगें हैं आखिर इन पाखण्ड अंध विश्वास से कोरोना तो अभी तक नही गया लेकिन अपराधी धर्म के ठेकेदार ज़रूर कानून की गिरफ़्त में आ गयें हैं  |     ट्विटर ट्रेंड पर राजस्थान से प्रो . आशुतोष  सिंह कहते हैं की

रामगंज थाना क्षेत्र के मंडी खटीकान में कोविड -19 से बचाव के लियें यूनानी दवा जोशांदा पिलाई गई

कोविड - 19  जयपुर - वैश्विक महामारी कोविड -19 से बचाव के लियें यूनानी चिकित्सा विभाग द्वारा डॉ मनमोहन खिंची के निर्देशन में मंडी खटीकान रामगंज जयपुर में जोशांदा ( युनानी दवा ) पिलाई गई जिसमें लगभग 350 से अधिक महिला पुरुष और बच्चों ने दवाई पी | जिसमे यूनानी विभाग के कंपाउंडर नवल सिंह और विनोद कुमार ने अपनी सेवा दी व वही रामगंज थाना द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग की पालन में सहयोग किया | इस अवसर पर डॉ मनमोहन खींची यूनानी चिकित्सा अधिकारी ने बताया  कि इस वैश्विक महामारी में यह यूनानी दवा जोशांदा शरीर में रोग - प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने में  कारगर हैं इस महामारी से बचाव  के लियें सभी लोगों को सरकार के निर्देशो का पालन सख़्ती करना चाहियें | संत दुर्बलनाथ सत्संग मंडल के कार्यकर्ताओं ने इस कार्यक्रम में सहयोग किया  इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता कैलाश सोयल , यशवंत असवाल , पवन देव  आदी उपस्थित रहें गौरतलब है की रामगंज क्षेत्र लम्बे समय से कोविड 19 का हॉट स्पॉट बना हुआ है और प्रशासन द्वारा इस क्षेत्र में कर्फ्यू लगाया हुआ है वर्तमान समय में रामगंज थाना क्षेत्र के मंडी खटिकान में भी कोरोना पोजिटिव की

सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा मानवता की सुरक्षा है – डिक्की अध्यक्ष डॉ. सत्य प्रकाश वर्मा

COVID-19  राजस्थान - सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा के लियें राजस्थान सरकार के साथ  DICCI की नई पहल - जयपुर | COVID-19 वैश्विक महामारी भारत सहित पूरे विश्व के लिए चिंता का विषय बना हुआ है. इस वैश्विक महामरी में कार्यरत वाल्मीकि समाज व् सफाई कर्मचारी दिन – रात ” कोरोना योद्धा ” के रूप में देश सेवा कार्यरत है. काम सीवर की सफाई का हो या कोरोना मरीजों से भरे अस्पतालों की, वाल्मीकि समाज एवं सफाई कर्मियों की उपयोगिता सबसे अधिक होती है किन्तु सुरक्षा उपकरण प्रदान करने की दृष्टि से प्राथमिकता सबसे कम. ऐसे में, दलित इंडियन चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (डिक्की) ने कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए राज्यभर में पीपीई किट, मास्क और ग्लव्स एवं राज्य सरकार को स्थानीय जिला प्रशासन के माध्यम से भेंट करने की पहल की है | इस राज्यव्यापी अभियान की शुरूवात जयपुर से डिक्की के अध्यक्ष डॉ. सत्य प्रकाश वर्मा द्वारा जयपुर जिला कलेक्टर श्री जोगाराम को 5000 मास्क्स और 500 ग्लव्स भेंट करते हुए की गई. उनकी पहल पर इसी श्रंखला में डिक्की के उदयपुर समन्वयक भारत बंशीवा

जय भीम बोलने पर होगी कार्यवाही,उज्जैन एसपी मनोज कुमार सिंह , विवाद शुरू

 " जय भीम " शब्द मध्यप्रदेश में ला सकता है बड़ा राजनेतिक फेरबदल हरीश कुमार खोलिया नई दिल्ली | संविधान निर्माता डॉ बाबा साहब को सम्मान देने हेतु - युवा वर्ग में एक शब्द बड़ा प्रचलित है वह है - जय भीम  लेकिन वर्तमान समय में यह शब्द उज्जैन मध्य प्रदेश में सुर्ख़ियों में है इस घिरते नज़र आ रहें है एसपी मनोज सिंह यह पूरा मामला वायरलेस सेट पर जय हिंद या जय महाकाल के बदले पुलिस कर्मियों द्वारा जय भीम बोलने पर शुरू हुआ ।यह बात पुलिस विभाग और एसपी मनोज कुमार सिंह को सहन नही हुई . देखते ही देखते " जय भीम " के नारे ने पुलिस महकमे और राज्य की राजनेतिक गलियारों में तहलका मचा दिया | जब इस मामले की जानकारी एसपी मनोज कुमार सिंह तक पहुंची तो उन्होंने वायरलेस सेट पर मैसेज दिया की जो भी पुलिसकर्मी जातिगत विवाद या राजनीति के शिकार होकर जय भीम बोल रहे है वह  गलत है और ऐसे पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्यवाही की जायेगी व निलंबित भी करने की धमकी दी गई। बुद्धिजीवी वर्ग - जय भीम क्यों बोलते हैं  जय भीम बोलना भारत देश के संविधान और संविधान निर्माता के प्रति सम्मान का सूचक है।जय भीम किसी राजनैतिक पा

भट्टा बस्ती क्षेत्र - बाल श्रमिक को कारखाने मालिक ने भयंकर मारपीट कर आधी रात में भगाया

जयपुर | जयपुर का भट्टा बस्ती क्षेत्र बाल श्रमिको का केंद बना हुआ है लम्बे समय से वही भट्टा बस्ती शास्त्री नगर पुलिस थाने की कारवाई हमेशा संदिग्ध रहती है उसका ही ताजा उदाहरण आज देखने को मिला . जिसमे एक चूड़ी कारखाने में कार्यरत बाल श्रमिक को लॉक डाउन के समय में ही चूड़ी कारखाने के मालिक ने भयंकर रूप से मारपीट कर घर से भगा दिया जिसके बाद बाल श्रमिक ( रिंकू परिवर्तन नाम )   उस क्षेत्र से  डर के कारण भाग गया . बाद में वह बाल श्रमिको के लियें कार्यरत संस्था चाइल्ड राइट वॉच ग्रुप के संयोजक बसंत हरियाणा  के सम्पर्क में आया जिसके बाद बच्चे को बाल कल्याण समिति के सौपा गया | चाइल्ड राइट वॉच ग्रुप के संयोजक बसंत हरियाणा ने कहा - दिनांक 24 मई रविवार 2020 को मुझे बसन्त हरियाणा को सूचना प्राप्त हुई कि भट्टा बस्ती थाना क्षेत्र में एक बाल श्रमिक जिसे उसके कारखाना मालिक द्वारा भयंकर रूप से मारा गया था। वह मार खाने के बाद वह बालक भाग कर दो दिन तक भट्टा बस्ती क्षेत्र में ही इधर उधर छिप रहा हैं । दो दिन बाद जब उस पर नज़र क्षेत्र के ही कुछ संवेदनशील और जागरूक नागरिको की पड़ी तो उन्होंने उसे भट्टा बस्ती थाने मे

प्रवासी मजदूर कौन हैं और यह राजनीति का शिकार क्यों हो रहें हैं - क्या इनकी जाति इनकी दुर्गति का कारण हैं

जाति जो कभी नहीं जाती - प्रवासी मजदुर  आज हम जिस विषय पर बात करनें जा रहें हैं आप उससे कुछ सहमत भी हो सकते हैं तो कुछ हमें अपशब्द कह सकते हैं खैर आप को अपना पक्ष रखने का अधिकार भारत का संविधान देता हैं जिसे डॉ बाबा साहब अंबेडकर ने लिखा हैं | आज वैश्विक महामारी कोविद 19 ने देश में नकारात्मक प्रभाव अधिक डाला हैं जिस प्रकार 1947 में देश का बटवारा होआ था तब भी गरीब दलित व असहाय लोग इन गैर जिम्मेदार नेताओं की बंदर बाट व निजी स्वार्थ के चलते देश का बंटवारा भी कर दिया था जिसके चलते लाखों ग़रीब दलित मुस्लिम मौत के मुंह मे समा गयें थे और भी हैवानियत की और भी घटनाओं का जिक्र इतिहास के पन्ने में आप को लिखा मिल जायेगा | [caption id="attachment_10917" align="alignnone" width="959"] pic - s - net[/caption] आज वैश्विक महामारी कोविद ने प्रवासी मजदूर जो अपने जीवन ज्ञापन के लियें देश के एक कोने से दूसरे कोने जाता हैं जिससे वह अपना जीवन व्यापन कर सके और अपने पत्नी बच्चों का पालन पोषण कर सकें ,कोई भी प्रवासी मजदूर अपनी मर्जी से अपना घर नहीं छोड़ता  लेकिन उसकी आर्थिक स्थिति व प

130 Students Placed By Panipat Institute of Engineering and Technology Amid Fight Against COVID-19

PIET has also designed & installed a Sanitizing Tunnel in its premises and offers its robot ‘Ruby’ to hospitals in Panipat that can be used to serve COVID-19 patients. Panipat Institute of Engineering and Technology (PIET) based in Panipat, Haryana is a leading institution for students pursuing Engineering and Technology and one of the best engineering colleges in Delhi NCR . The institute has raised the bar by not only continuing education and ensuring placements during the COVID-19 pandemic, but has also contributed effectively in the fight against Coronavirus. Despite the nationwide lockdown, PIET enabled placements for its 130 students through the efforts of the placement co-ordination team and the robust processes, systems and due to brand recall already built by the institute The success is not limited to just lockdown period. In fact, pre-lockdown more than 100 companies had already visited PIET for campus placement during the 2019-20 session and more than 500 students r

भारत में प्रति लाख आबादी पर केवल 7.9 मामले हैं रोगियों के ठीक होने की दर बढ़कर 39.6 प्रतिशत हुई

कोविड-19 पर अपडेट भारत में प्रति लाख आबादी पर केवल 7.9 मामले हैं जबकि पूरे विश्व में यह आंकड़ा प्रति लाख पर 62.3 है, रो गियों के ठीक होने की दर बढ़कर 39.6 प्रतिशत हो गई है 20 MAY 2020, by PIB Delhi भारत सरकार, राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों के साथ मिलकर, एक वर्गीकृत, पूर्व-निर्धारित और सक्रिय दृष्टिकोण को अपनाते हुए, कोविड-19 की रोकथाम, नियंत्रण और प्रबंधन की दिशा में कई कदम उठा रही है। इनकी उच्चतम स्तर पर नियमित रूप से समीक्षा और निगरानी की जा रही है। भारत कोविड-19 के प्रसार को कम करने में अपेक्षाकृत सक्षम रहा है और इसका असर कोविड-19 के आंकड़ों में देखा जा सकता है। वैश्विक स्तर पर तुलना करने पर, जहां प्रति लाख संक्रमण के मामले 62.3 हैं, भारत में अभी भी केवल 7.9 मामले/प्रति लाख आबादी पर देखे जा रहे हैं। इसी प्रकार, प्रति लाख आबादी पर मृत्यु दर के हिसाब से इसका वैश्विक औसत दर 4.2 है जबकि  भारत के लिए यह आंकड़ा 0.2 आंका गया है। मौत के अपेक्षाकृत कम आंकड़े, सिर्फ और सिर्फ समय पर मामलों की पहचान करने और उन मामलों का नैदानिक प्रबंधन करने के संदर्भ में जानकारी प्रदान करते हैं। चिकित्सकीय प्र

राजस्थान अब " दलितअत्याचारस्थान " - लॉक डाउन के समय में दलितों अत्याचारों में बढ़ोतरी - प्रशासन की करवाई संदिग्ध

लॉक डाउन की आड़ में दलित अत्याचार चरम पर - जयपुर |  यूपी के संभल की ताजा घटना आप को याद होगी की किस प्रकार दलित नेता  { पिता - बेटे  } की किस प्रकार सभी गांववासियों के सामने गोली मार के हत्या कर दी गई थी अकसर हमारे सामने यूपी की घटना तो सामने आती है लेकिन अब राजस्थान भी दलित .वंचित व् गरीबो पर अधिक हत्याचार हो रहे हैं वैसे  वर्तमान समय में दलित हत्याचार के मामलो में राजस्थान  प्रथम स्थान पर है    राजस्थान के युवा सामाजिक कार्यकर्ता रवि कुमार मेघवाल ने कहा -   वर्तमान लॉक डाउन के समय में जब लोग अपने घरो में केद है फिर भी दलितों पर अत्याचार सवर्णों द्वारा अधिक हो रही है जैसे - गांव सूरतपुरा, मंडावरी  पुलिस थाना, लालसोट (राज. ) प्रकरण  दिनांक 15 मई 2020 को सुबह 7 :30 बजे  सुरतपुरा डालिया की ढाणी मैं एक दलित परिवार के सदस्यों में गाय के खेतों में घुसने संबंधित  विवाद हो गया था जिसके बाद झगड़े में कुछ दलित परिवार के सदस्यों को गंभीर चोट आई वह स्थानीय अस्पताल में अपना इलाज करा रहें थे जब पुलिस प्रशासन को घटना की जानकारी हुई तो पुलिस पीडितो के घर जाकर जांच करने के बजायें पीड़ित परिवार के बच्चे म

राजस्थान में 50 हजार से अधिक पदों की व् 3 दर्जन से ज्यादा भर्ती परीक्षाएं इस महामारी के बीच अटक गई हैं – ईरा बोस

राजस्थान में 50 हजार से अधिक पदों की व् 3 दर्जन से ज्यादा भर्ती परीक्षाएं इस महामारी के बीच अटक गई हैं – ईरा बोस MAY 16, 2020  BY  POLITICO TEAM   (EDIT) प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहें बेरोजगार युवा की समस्या समझे – मुख्यमंत्री गहलोत कोरोना वैश्विक महामरी ने जहाँ सभी वर्गों को बुरी तरह से प्रभावित किया है वही लम्बे समय से प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी करने वाले युवा बेरोजगारों को भी कुछ समझ ही नहीं आ रहा की आगे क्या होगा या कहें उनके अरमानों पर पानी सा फिर गया है | अभ्यर्थी पहले से ही लेट लतीफी का शिकार होते रहें है अब वह भर्तियों के समय पर पूरा होने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन कोरोना लॉक डाउन ने बेरोजगारी के साथ नौकरी का लंबा इंतजार करा दिया है। राज्य में लगभग 50 हजार से अधिक पदों की 3 दर्जन से ज्यादा भर्ती परीक्षाएं इस महामारी के बीच अटक गयी। किसी भर्ती की घोषणा हो जाने के बाद विज्ञापन जारी नही हुआ तो कही विज्ञापन जारी हुई भर्ती का परीक्षा आयोजन नही   Click here to link -  https://politico24x7.com/in-rajasthan-more-than-3-dozen-recruitment-examinations-of

राजस्थान में 50 हजार से अधिक पदों की व् 3 दर्जन से ज्यादा भर्ती परीक्षाएं इस महामारी के बीच अटक गई हैं - ईरा बोस

प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहें बेरोजगार युवा की समस्या समझे - मुख्यमंत्री गहलोत कोरोना वैश्विक महामरी ने जहाँ सभी वर्गों को बुरी तरह से प्रभावित किया है वही लम्बे समय से प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी करने वाले युवा बेरोजगारों को भी कुछ समझ ही नहीं आ रहा की आगे क्या होगा या कहें उनके अरमानों पर पानी सा फिर गया है | अभ्यर्थी पहले से ही लेट लतीफी का शिकार होते रहें है अब वह भर्तियों के समय पर पूरा होने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन कोरोना लॉक डाउन ने बेरोजगारी के साथ नौकरी का लंबा इंतजार करा दिया है। राज्य में लगभग 50 हजार से अधिक पदों की 3 दर्जन से ज्यादा भर्ती परीक्षाएं इस महामारी के बीच अटक गयी। किसी भर्ती की घोषणा हो जाने के बाद विज्ञापन जारी नही हुआ तो कही विज्ञापन जारी हुई भर्ती का परीक्षा आयोजन नही [caption id="attachment_10032" align="alignright" width="456"] मुख्यमंत्री - राजस्थान अशोक गहलोत { फ़ाइल् फोटो }[/caption] हुआ, जिनकी परीक्षाएं हो गयी वहां परिणाम जारी नही हुआ, जहां परिणाम जारी हो गया वहा नियुक्ति अटक गई। वहीं कई भर्तियां वर्षो से लंबित
आपका ज़मीर आख़िर जिन्दा क्यों है – 21 वीं सदीं में इंसान मलमूत्र में अपना मुहँ दे रहा है APRIL 4, 2020  BY  POLITICO TEAM   (EDIT) Why is your conscience alive – in the 21st century man is giving his mouth in excreta राजस्थान . जयपुर | भारत देश आज परमाणु सम्पन्न है और विश्व पटल पर अपनी एक साख रखता है लेकिन जमीनी स्तर पर आज भी कुछ ऐसे अमानवीय द्रश्य हमारी आखों के सामने आ जाते है की हम अपने आप से ही कई सवाल कर बैठते थे आख़िर ऐसा क्यों – आज़ादी के 70 साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी हमारे समाज के कर्णधार समाज ” वाल्मीकि ” जिन्हें अलग – अलग राज्यों में अलग -अलग नाम से जानते है जैसे राजस्थान में में वाल्मीकि .भंगी .मेहतर .झडमाली . हलालखोर . चुह्दा ,राउत ,हेमा . डोम .डोमर .हाड़ी ,लालबेग आदी तमाम नाम लेकिन इनका काम सिर्फ – सफाई करना है चाहे रोड पर हो या गटर – सीवरेज | आज़ादी के बाद इस वंचित समाज को क्या मिला – भारत देश 15 अगस्त 1947 में आज़ाद हो गया देश की सत्ता अब देश के नेताओं के पास आ गई देश के पहले प्रधानमंत्री बनने का गौरव पंडित जवाहर लाल नेहरु को मिला ,उनका पहला देश को संबोधित क

Home Ministry grants permission for opening of 3000 CBSE affiliated schools as assessment centres across India to evaluate CBSE Board exams answers sheets

The permission will help us to quickly evaluate 1.5 crore answer sheets - Shri Ramesh Pokhriyal 'Nishank' Home Ministry today granted permission for opening of 3000 CBSE affiliated schools as assessment centres across India to facilitate evaluation of answer sheets of CBSE Board exams. Union Minister for HRD Shri Ramesh Pokhriyal 'Nishank' expressed his gratitude towards the  Ministry of  Home Affairs for giving the permission. He said that 3000 CBSE  affiliated schools have been identified as assessment centers across India and special permission will be granted to these schools for the limited purpose of evaluation. Dr Ramesh Pokhriyal Nishank ✔ @DrRPNishank Announcement on Twitter  3000 @ cbseindia29 affiliated schools across India have been identified as assessment centers. Special permission will be granted to these schools for the limited purpose of evaluation. # IndiaFightsCoronaVirus # IndiaFightsCorona

Turn recession into an opportunity, says Abhijit Adhya

Turn recession into an opportunity, says Abhijit Adhya In conversation with Digpu, Abhijit Adhya talks at length about the top 5 things to be done by organisations to survive through this ordeal and emerge victorious through this COVID-19 pandemic. He believes we can turn the recession into an opportunity with responsive agility. Abhijit Adhya, a pro bono consultant on Business Transformation, Corporate Leadership and Change Management, is currently the Director, Business Transformation at GI, (UK) Global Delivery Centre in India, he leads the firm’s global Results Delivery practice, helping the organization get all it can out of major change efforts. He works closely with the Board of Directors on all aspects of the transformation process—from structuring, orchestrating, and enabling the change, to energizing the transformation and helping senior leadership lead these challenging efforts. Abhijit has travelled extensively across the globe working with fortune 500 organizations in nume

MSME Minister Interacts with DICCI and assures complete support to SC-ST entrepreneurs amidst COVID19 pandemic

Hon’ble Minister for MSME  Nitin Gadkari, addressed an exclusive online meeting organised by Dalit Indian Chamber of Commerce and Industry (DICCI) on ‘Impact of COVID19 Pandemic on SC-ST MSMEs & Way Forward for Revival’. The meeting was presided by Founder-Chairman of DICCI, Dr. Milind Kamble and moderated by National Working President of DICCI, Shri. Ravi Kumar Narra, in which 350+ SC-ST Entrepreneurs, Industry experts and MSME officials participated. Hon’ble Minister discussed the various aspects of measures being taken by Govt. of India to meet the challenges of COVID19 with the panellists comprising of all regional heads of DICCI representing all Indian states and across business sectors. The meeting was also attended by international DICCI members from Japan and UK. The highlights of the discussions for which the Hon’ble Minister has assured his immediate consideration are, The Govt. will consider DICCI’s proposal of including services sector into the ambit of Special Capi

राजस्थान सरकार अभिभावकों की आर्थिक स्थिति को समझे और प्राइवेट स्कूलों की 3 माह की फ़ीस माफ़ करें - पवन देव

Fanaticism regarding the fees of private schools wrong - Pawan Dev जयपुर | प्राइवेट स्कूलों की फ़ीस को लेकर अभिभावक व् स्कूल प्रशासन में खीचतान चल रही है जिसका कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकल पाया है इस को लेकर सोशल एक्टिविस्ट व् जर्नलिस्ट पवन देव ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को लेटर लिखकर - इस वैश्विक महामारी कोविड -19 व् लॉक डाउन के चलते अभिभावकों की जो आर्थिक स्थिति ख़राब हुई है जिसके चलते उनका घर चलाना भी मुश्किल हो गया है की और ध्यान दिलाते हुयें कहा है की  गैर सरकारी स्कूलों  द्वारा इस लॉक डाउन के समय जो फ़ीस वसूली की जा रही है उस पर तुरंत प्रभाव  से रोक लगाई जायें व्  3 माह की स्कूल की फ़ीस माफ़ की जायें |    मोहदय गौरतलब है की देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने देश में 22 मार्च को मध्य रात्रि को लॉक डाउन करने का आदेश जारी करा था जिसके साथ ही राजस्थान सरकार ने भी राजस्थान में लॉक डाउन को सख्ती से लागू किया जिसके चलते रा [caption id="attachment_9075" align="alignright" width="297"] PAWAN DEV - JAIPUR [/caption] जस्थान में सकारात्मक परिणाम न