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जयपुर में उठा - बाल मजदूरों के संरक्षण का मुद्दा - मुख्यमंत्री को दिया गया ज्ञापन - प्रशासन सख्त

Flames come to rescue child and fraternity workers - Child Watch Group



[caption id="attachment_10780" align="alignright" width="107"] basant hariyana[/caption]

जयपुर | जयपुर शहर वर्तमान में कोरोना वायरस " कोविड -19 का केंद बना हुआ है जयपुर में लगभग 20 हजार से अधिक बाल मजदुर चूड़ी , साडी काट -चौक ,हस्तकला  अन्य कार्यो में जुड़े है  जिनमे प्रमुख शास्त्री नगर - भट्टा बस्ती, संजय नगर, बिहारी टीला, इमाम चौक, गुजरात चौक, भांडा बस्ती, चांदपोल ब्रह्मपुरी, तोपखाने का रास्ता शारदा कॉलोनी, निंदार राव जी का रास्ता , रामगंज गलता गेट, बाबू का टिबा, दखोतन कॉलोनी |

अब जब शहर में  कर्फ्यू लगा है उससे पहले लॉक डाउन था तो गरीब - तबके के लोग परेशान है उनके पास भोजन की गंभीर समस्या भी उत्पन्न हो गई है तो एक बंद कमरे में 10-20 लोग एकत्रित काम करने वाले बाल मजदुर कहाँ है केसे है कही कोई कोरोना के सक्रमण तो नहीं यह बड़ा सवाल है जिसको लेकर बाल एवं बंधुओं मजदुर को लेकर काम कर रहें संगठन - चाइल्ड वाच ग्रुप आगें आया हैं और संस्था के जयपुर प्रभारी बसंत हरियाणा ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को ज्ञापन दिया है जिसमे कहा गया है

[caption id="attachment_10782" align="alignnone" width="931"] Baal majdur - jaipur { f .p }[/caption]

कोरोना वायरस की भयावता को देखते हुए, जो देशभर में लॉक-डाउन हुआ है, उसके कारण जयपुर शहर की अँधेरी गलियों में कार्यकरने वाले बाल मजदूरों, जो कि बंधुआ मजदूरों की तरह नारकीय जीवन यापन कर रहे हैं, उनका अभी कोई पता नहीं चल रहा है कि वो इस वक्त कहाँ और किस हालत में हैं।

ऐसे कठिन समय में जब सामान्य परिवार भी अपने लिए भोजन - सब्जी- पानी की व्यवस्था करने में कठिनाई महसूस कर रहा है, उस वक्त इन छोटे छोटे बच्चों की स्थिति क्या होगी ये सोचने से भी रूह काँप जा रही है। हालांकि आपकी सरकार के साथ-साथ हम लोग भी इन बाल मजदूरों के काम करने के खिलाफ है, पर काम बंद होने की इन परिस्थियों में इनका क्या हाल होगा? क्या ये दुबारा से किसी प्रकार के मानव तस्करी के जाल में फंस जाएंगे? या भूख से तड़फ तड़फ कर जान दे देंगे, ये प्रश्न मन को विचलित कर रहे हैं।

विश्व स्वास्थय संगठन (WHO) की रिपोर्ट के अनुसार, कुछ युवा और बच्चे जिनका प्रतिरक्षी तंत्र (Immune System) अच्छा है, ये वायरस भले ही उन पर ज्यादा असर नहीं दिखा रहा है किन्तु ऐसे लोग एक साइलेंट करियर (निष्क्रिय संवाहक) के रूप में इस बीमारी को सबसे ज्यादा फैला रहे हैं।

हमारा आपसे निवेदन है कि कोरोना वायरस के खिलाफ निर्णायक युद्ध तथा इन बच्चों के मानवाधिकार और जिंदगी की रक्षा के लिए, जिला प्रशासन को आदेश दें कि वे प्रभावी कार्यवाही करें, बच्चों को मुक्त करवाएं और उन्हें चिकित्सकों की देखरेख में रखा जाए। जिससे कि वे स्वयं भी बच सकें और अन्य लोगों तक भी इस बीमारी को फ़ैलाने से रोकें।

सामाजिक कार्यकर्ता बसंत हरियाणा की पहल पर अब बाल आयोग , श्रम विभाग आदी संबंधित विभागों ने जयपुर जिला कलेक्टर डॉ जोगाराम को बाल मजदूरो के संरक्षण के आदेश जारी कर दियें है ताकि इन बाल व् बंधुआ मजदूरो को इस वैश्विक महामारी कोविड - 19 से बचाया जा सकें | 

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