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Showing posts from April, 2020

शिक्षा व् मानवीय मूल्यों की बड़ी बाते करने वाले प्राइवेट स्कूल - अब इस महामारी काल में भी शिक्षा का व्यवसायीकरण कर रहें है

Private schools that talk a lot about education and human values ​​-now even in this pandemic period, education is being commercialized - जयपुर |  शिक्षा व मानवता का पाठ पढ़ाने वाले स्कूल आज कल इस  वैश्विक महामारी कोरोना में भी पेरेंट्स को छुट्टियों की फीस जमा कराने के लियें दबाव् बना रहे हैं | इस मुश्किल घड़ी में जहां लॉक डाउन के चलते पिछले 40 दिन से अधिक समय से व्यवसाय बंद हैं घर चलाने का भी खर्च अब मध्यमवर्गीय परिवार के पास नहीं बचा हैं अब स्कूलों के मेल ,कॉल आदि द्वारा पेरेंट्स पर दबाव बनाया जा रहा हैं कि आप अपने बच्चों की फ़ीस जमा किरायें| [caption id="attachment_10852" align="alignnone" width="920"] sa aabhar[/caption] अब मध्यम वर्गीय परिवार मानसिक रूप से तनाव में है एक और तो काम धंधे ठप हैं उसके ऊपर प्रधानमंत्री मोदी व राज्य सरकारों ने आदेश जारी कर के कह दिया हैं कि लॉक डाउन के चलते आप अपने यहां काम करने वाले मजदूरों को नोकरी से नहीं निकाल सकते और उन्हें लॉक डाउन के चलते सैलेरी भी देना अनिवार्य हैं | अब मध्यम वर्गीय परिवार अपना घर चलायें या जरूरतमंद ल

कोरो इंडिया ने 1200 से अधिक परिवार के लियें मदद के हाथ बढ़ायें -

COVID -19  Social workers associated with coro India extended their helping hand to more than 1200 families - dry ration of more than 10 lakh rupees and other essential goods जयपुर | वैश्विक महामारी कोविड -19 { कोरोना } ने गरीब परिवारों को मौत से कम कष्ट नहीं दिया  है देश में एकाएक लगे लॉक डाउन ने या बोले कर्फ़्यू ने ग़रीब , दहाड़ी मजदुर ,प्रवासी मजदूरो को संभलने का मौका तक नहीं दिया | गौरतलब है की दहाड़ी मजदुर ,प्रवासी मजदुर और ग़रीब परिवार दहाड़ी के हिसाब से मजदूरी करते है जिसमे बे मुश्किल से उनका गुजरा चल पाता है और लॉक डाउन के बाद अब घर बैठना और घर का खर्चा चलाना मुश्किल हो रहा है  घर में सुखा राशन ख़त्म हो चूका है  , आर्थिक व्यवस्था जो भी थी वह भी अब 30 दिन से अधिक समय बाद चरमा गई है  | इस संकटकाल में सामाजिक संगठन व् भामाशाह लोगो ने मोर्चा संभाला  जिससे गरीब व् जरूरत परिवार को थोडा सहारा मिला है |   कोरो इंडिया सामाजिक संगठन के प्रयासों से राजस्थान में अभी तक 7 जिलो ,17 ब्लोक ,70 गाँवों के 1158 परिवारों को 1 माह तक का सुखा राशन निशुल्क उपलब्ध कराया जा चूका है साथ ही कोरो इंडिया के जुड़े

टारगेट एकाउंट्स - मंदी में भी कमाएं मुनाफा

टारगेट एकाउंट्स के संस्थापक CA संजय जसवानी और स्वीटी उपाध्याय ने इस  मंदी के दौर में अपने प्रशिक्षुओं को लाखों का मुनाफा कराया। टारगेट एकाउंट्स एक ISO एवं NSE द्वारा पंजीकृत कंपनी है, जहाँ प्रशिक्षुओं को वित्तीय साक्षरता और शेयर बाजार एवं रियल एस्टेट का ज्ञान देते हैं। [caption id="attachment_10829" align="alignnone" width="987"] संजय जसवानी एवं स्वीटी उपाधयाय, सह-संस्थापक, टारगेट एकाउंट्स[/caption] संजय जसवानी, जिनके पास शेयर बाजार में 10 वर्षों का अनुभव है, उनका कहना है कि आजकल के दौर में शेयर बाजार तथा वित्तीय प्रक्रियाओं का ज्ञान होना बोहत आवश्यक हो गया है। संजय कहते हैं,शेयर बाजार आय के उन विकल्पों में से है, जो कि हर दौर और हर परिस्थिति से अछूते रहते हैं। शेयर बाजार के ज्ञान से लोग घर बैठके ही अपनी आय बढ़ा सकते हैं। कोविद-19 के इस कठिन समय में भी ये बाजार अपने ग्राहकों को निराश नहीं कर रहा है। टारगेट एकाउंट्स के प्रशिक्षुओं का कहना है कि वो इस मंदी के दौर में ज्यादा आय  घर बैठे ही कमा पा रहे हैं। इसके अलावा इन प्रशिक्षुओं ने अपने लाभ और हानि विवरण भ

आज से शुरू होगी - 400 मोबाइल ओपीडी वैन , प्राइवेट अस्पताल पर सख्त - मुख्यमंत्री गहलोत

288 राशन डीलरों के लाइसेंस निलंबित, निजी अस्पतालों ने किसी मरीज को वापस भेजा तो सख्त कार्रवाई - मुख्यमंत्री जयपुर, 21 अप्रेल। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण आम रोगियों को परेशानी का सामना नहीं करना पडे़, इसके लिए प्रदेशभर में बुधवार से 400 ओपीडी मोबाइल वैन संचालित की जाएंगी। ये मोबाइल वैन उपखण्ड मुख्यालयों के साथ ही अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर उपलब्ध होंगी और गांव-कस्बे तक पहुंचकर मरीजों को सामान्य बीमारियों का उपचार उपलब्ध करवाएंगी। किसी को गंभीर बीमारी होने की जानकारी मिलती है तो इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी जाएगी, ताकि रोगी को तुरंत इलाज मिल सके। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं।  गहलोत मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास पर वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पत्रकारों के साथ वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि निजी अस्पतालों में कोरोना के कारण नियमित रोगियों को समुचित उपचार सुविधा उपलब्ध नहीं होने की शिकायतें सामने आई हैं। सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है और कई अस्पतालों को नोटिस भी दिया है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा

Shivendu Madhava Paving The Way For Young Indian Entrepreneurs

Shivendu Madhava Paving The Way For Young Indian Entrepreneurs Shivendu Madhava, the founder of a national level technical consultancy firm,    All India Technical Consultancy Corporation Limited   (AITCCL), explains the necessity of several factors that pave the way to the success of young Indian entrepreneurs. He emphasizes that the way to converting a business idea into success is executing the business plan under state-of-the-art consultancy. According to Shivendu, the government sector requires ideas like Smart City Development plan while the private sectors like Education Department require skill development and curriculum planning. He further highlights that the corporate sectors need feasibility studies and market research. To keep up with these demands, AITCCL aims to provide quality consulting services to these organizations. [caption id="attachment_10822" align="alignnone" width="971"] Shivendu-Madhava[/caption] The golden words of Steve Jobs -

Venteskraft – All AboutEntrepreneurship And Stock Trading

Venteskraft – All AboutEntrepreneurship And Stock Trading The founders,Mahin BS and Rahul Rajeev, who are youngsters themselves, advocate for living the best while you are young and emphasise on financial independence and entrepreneurship resonating with the youth of today. A new age firm in recent times has been gaining a lot of attention, especially youngsters. Venteskraft, cofounded by Mahin BS and Rahul Rajeev, saw its inception in 2014, starting out as a stock market training institution. They offer mentorship in the stock market, aiming to teach students how to use the stock market effectively. [caption id="attachment_10819" align="alignnone" width="989"] Venteskraft[/caption] The company has seen rapid growth in recent years, with 30,000+ individuals under their various programs. Venteskraft provides practical knowledge to trade in the stock market, with their well-crafted strategies and industry depth research and analysis, which has been seeing e

ValueScaling Education With Elearning

According to reports, the global e-learning industry grew by 900% in the last 20 years. It is expected to triple its size by 2025 with some of the biggestglobal e-learning markets like Thailand, Philippines, India, and China growing with 30% annual growth rate. The self-paced e-learning market, however, is said to be declining. So, the learners need the discipline of a classroom with the convenience of a personal study room. Here, gamification of learning comes into play. This concept is fuelled by the amalgamation of Virtual Reality (VR) and Augmented Reality (AR). Educators need to be where the learners are. The future of education is already here. [caption id="attachment_10813" align="alignnone" width="845"] Ankit Khurana , Founder, ValueScale[/caption]   The biggest question here is what if we could create an interactive game for learning? COVID-19 seems to have already set the path for uninhibited learning, with the schoolteachers doing their job onl

Raise Your Voice For Real Cause, Not Reel Cause

Adnan Safee, the founder of Nine Angle Foundations, urges the citizens of India to raise their voice for the real cause, and not for any influenced publicity. Nine Angle Foundation is working socially at a very humble level in India, distributing food boxes with a month& ration to the poor and the hungry. About the global pandemic COVID-19 Coronavirus, Adnan says To all those who are unaware of the brutal reality of life, I ask - What have we achieved by conquering space, if we can& conquer childhood hunger? While the entire world is united to fight against the deadliest virus ever, many people are engaged in blaming each other and making the atmosphere in the country worse. It is disheartening to see people fight against each other at a time when we need to stand together and fight the COVID-19 crisis in our country Since the 21-day lockdown was announced by the Indian Prime Minister Narendra Modi, there have been mixed reactions from people all over the country. While some of

राजस्थान वाल्मीकि विकास मंच ने लिखा प्रधानमंत्री मोदी को पत्र - सफाई कर्मचारियों की पीड़ा से कराया अवगत

कोरोना - राजस्थान वाल्मीकि विकास मंच ने लिखा राष्टपति रामनाथ कोविंद  व् प्रधानमंत्री  को पत्र - सफाई कर्मचारियों की पीड़ा से कराया अवगत राजस्थान . जयपुर | कोनोना वैश्विक महामारी को लेकर जहाँ सभी देश चिंतित है भारत के प्रधानमंत्री ने भी देश में कड़े कदम उठायें है लेकिन देश की सफाई व्यवस्था में जिस वंचित समाज की मुख्य ज़िम्मेदारी है केंद्र की सरकार व् राज्य सरकारों ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठायें है जिसका लेकर दलित अधिकार केंद्र राजस्थान के तत्वधान में राजस्थान वाल्मीकि विकास मंच ने देश के महामहिम रामनाथ नाथ कोविंद , प्रधानमंत्री मोदी , राष्टीय अनुसूचित आयोग का ध्यान समाज के वंचित वर्ग की इस सक्रमण { कोविड -19 } से रक्षा व् उनके परिवार को आश्वत करने का आग्रह किया है और निम्न मांग की मांग की है सम्पूर्ण भारत के शहरी एंव ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत समस्त सफाई कर्मचारियों की पुनः गणनाकर प्रधान मंत्री जी गरीब कल्याण पैकेज-बीमा योजना के अन्तर्गत छूटे हुए सफाई कर्मचारियों को शामिल कर संशोधित सामूहिक बीमा कोरोना वाईरस के दिशा में सकारात्मक कदम उठायें | प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज आर्थि

आपका ज़मीर आख़िर जिन्दा क्यों है - 21 वीं सदीं में इंसान मलमूत्र में अपना मुहँ दे रहा है

Why is your conscience alive - in the 21st century man is giving his mouth in excreta राजस्थान . जयपुर | भारत देश आज परमाणु सम्पन्न है और विश्व पटल पर अपनी एक साख रखता है लेकिन जमीनी स्तर पर आज भी कुछ ऐसे अमानवीय द्रश्य हमारी आखों के सामने आ जाते है की हम अपने आप से ही कई सवाल कर बैठते थे आख़िर ऐसा क्यों - आज़ादी के 70 साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी हमारे समाज के कर्णधार समाज " वाल्मीकि " जिन्हें अलग - अलग राज्यों में अलग -अलग नाम से जानते है जैसे राजस्थान में में वाल्मीकि .भंगी .मेहतर .झडमाली . हलालखोर . चुह्दा ,राउत ,हेमा . डोम .डोमर .हाड़ी ,लालबेग आदी तमाम नाम लेकिन इनका काम सिर्फ - सफाई करना है चाहे रोड पर हो या गटर - सीवरेज | आज़ादी के बाद इस वंचित समाज को क्या मिला - भारत देश 15 अगस्त 1947 में आज़ाद हो गया देश की सत्ता अब देश के नेताओं के पास आ गई देश के पहले प्रधानमंत्री बनने का गौरव पंडित जवाहर लाल नेहरु को मिला ,उनका पहला देश को संबोधित करने वाला भाषाण एक विजनरी था जिसकी चर्चा आज भी होती है | देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था बनी और 26 जनवरी 1950 को डॉ बाबा साहब अम्बेडकर क

जयपुर में उठा - बाल मजदूरों के संरक्षण का मुद्दा - मुख्यमंत्री को दिया गया ज्ञापन - प्रशासन सख्त

Flames come to rescue child and fraternity workers - Child Watch Group [caption id="attachment_10780" align="alignright" width="107"] basant hariyana[/caption] जयपुर | जयपुर शहर वर्तमान में कोरोना वायरस " कोविड -19 का केंद बना हुआ है जयपुर में लगभग 20 हजार से अधिक बाल मजदुर चूड़ी , साडी काट -चौक ,हस्तकला  अन्य कार्यो में जुड़े है  जिनमे प्रमुख शास्त्री नगर - भट्टा बस्ती, संजय नगर, बिहारी टीला, इमाम चौक, गुजरात चौक, भांडा बस्ती, चांदपोल ब्रह्मपुरी, तोपखाने का रास्ता शारदा कॉलोनी, निंदार राव जी का रास्ता , रामगंज गलता गेट, बाबू का टिबा, दखोतन कॉलोनी | अब जब शहर में  कर्फ्यू लगा है उससे पहले लॉक डाउन था तो गरीब - तबके के लोग परेशान है उनके पास भोजन की गंभीर समस्या भी उत्पन्न हो गई है तो एक बंद कमरे में 10-20 लोग एकत्रित काम करने वाले बाल मजदुर कहाँ है केसे है कही कोई कोरोना के सक्रमण तो नहीं यह बड़ा सवाल है जिसको लेकर बाल एवं बंधुओं मजदुर को लेकर काम कर रहें संगठन - चाइल्ड वाच ग्रुप आगें आया हैं और संस्था के जयपुर प्रभारी बसंत हरियाणा ने मुख्यमंत्री अशोक ग

वर्ल्ड हेरिटेज सिटी - जयपुर शहर बना - कोवीड - 19 केंद्र

World Heritage City - Jaipur City - Kovid - 19 Centers Received in Ramganj area - 34 Corona positive - राजस्थान . जयपुर | विश्विक महामारी " नोवल करोना वायरस { कोवीड - 19 } " ने जहाँ विकसित देशों की आर्थिक व् मेडिकल व्यवस्थाओं को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है वही भारत के प्रधानमंत्री मोदी ने फर्स्ट स्टेज पर इस सक्रमण को रोकने की कोशिश की लेकिन फिर भी 130 करोड़ अधिक जनसंख्या वाले देश को सफलतापूर्वक लॉक डाउन करना भी बड़ा काम है भारत में प्रशासन व् जनता में सामंजस्य देखा जा रहा है लेकिन आज एक कहावत सटीक बेठ रही है की - अमीरों का सेर सपाटा - गरीबो की मौत का पैगाम " जहाँ राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पहले ही 21 मार्च को घोषणा कर राजस्थान को 31 मार्च तक लॉक डाउन कर दिया था किन्तु राजस्थान में विदेश का दौरा कर लोटे लोगों ने राजस्थान को कोरोना की चपेट में ला दिया जिसके केंद बिंदु कपड़ो की महानगरी - भीलवाडा बना जिसके बाद राजस्थान की राजधानी जयपुर | राजधानी जयपुर में ओमान से लोटे मुबारक अली रामगंज निवासी ने पुराने जयपुर { परकोटा } क्षेत्र में सक्रमण फेला दिया देखते ही देखते रा