Skip to main content

प्रवासी मजदूरो की हत्या की ज़िम्मेदारी कोनसी सरकार लेगी केंद्र या राज्य - राहुल चोधरी

Corona battle with global epidemic



The rich are suffering the brunt of the flattening of the people - 
the people of India and 130 crore people - administration has been careless - Rahul Chodhari


जयपुर | जयपुर की तंग गलियों में चार दिवारी क्षेत्र में इन दिनों कुछ युवा जरूरतमंद ,गरीबो को राशन पहुँचाने व् खाना खिलाने का काम करते देखे जा रहे है , पिछले कुछ दिनों में पेंटर कॉलोनी व्  जयपुर के कई क्षेत्रो में इन्हें देखा गया जब हमारी टीम ने इनसे बात की तो पता लगा की इनमें से कुछ पत्रकार है, कुछ वामपंथी छात्र संगठनों से है, कुछ वामपंथी पार्टियों से हैं, कुछ जमीयत उलेमा हिन्द से है ये ज्यादातर जयपुर से हैं कुछ बाहर के है और लॉक डाउन में फँस गए है

पूछताछ करने पर पता चला कि इनमें से एक पत्रकार भी है जिनका नाम ईशा शर्मा है जो न्यूज़ बाईट में कंटेंट एडिटर है और लोक डाउन में फंस गई हैं और वर्क फ्रॉम होम कर रहीं है और बाकी समय मे माइग्रेंट वर्कर्स को खाना बाँटने का काम करती है, इस हेतु वो पूरा दिन ये योजनाएं भी बनाती है कि कहा से खाना मिल सकता है |

दूसरा नाम है राहुल चौधरी जो राज्य सरकार की लॉक डाउन वाले दिन से ही सड़को पर है और अपने दोस्तों से आटा , दाल , चावल माँग कर मजदूरों की मदद करने की कोशिश में रहते है कि जहाँ तक हो कोई भूख से न मरे राहुल ने कहा की आज देश में जो यह विश्विक महामारी फेली है "कोरोना" इस में सबसे बड़ा फेलियर केंद्र की मोदी सरकार का रहा है ,

यह कोरोना सक्रमण विदेश से आने वाले लोग साथ लेकर आयें है अगर इनका उचित समय पर भारतीय एयरपोर्ट पर भी जांच व् स्क्रीनिंग सही रूप से हो जाती व् बाहर से आने वालें लोगों को सरकार 14 दिन क्वॉरेंटाइन  कर देती तो आज यह दिन देखना नहीं पड़ता ,लोग भूखे मर रहे है ओर राज्य सरकार ने आज तक भी राशन व्यस्था चालू नही की है, यहाँ मजदूर बस्तियां भूखे मजदूरों से भरी पड़ी है ,

[caption id="attachment_10765" align="alignnone" width="850"] rahul choudhary with sumitra choupda[/caption]

मजदूर धीरे धीरे भूख से मर रहा है और कही भूख और कोरोना की जंग में ये कोरोना से पहले भूख से न हार जाए, साथ ही हमे पता लगा राहुल सुबह से लेकर रात 2 से 3 बजे तक सड़को पर लोगो की मदद में रहते हैं , इसी दिन जब राहुल नाहरिका नाका के इलाके में मजदूरों को खाना बाँट रहे थे तभी हड़कंप मच गया और भूख से परेशान मजदूरों ने इनकी गाड़ी को घेर लिया तभी RAC के जवानों ने उनपर लाठी चार्ज करना सुरु कर दिया तब उनके साथ केवल उनकी पत्रकार साथी ईशा थी पर राहुल और ईशा ने इसका जमकर विरोध किया तब पुलिस राहुल और ईशा पर भी हमले के लिए लाठियां लेकर दौड़ी पर राहुल और ईशा न उनके डंडों से डरे न उनकी धमकियों से ओर उनका जमकर सामना किया,

हमने वो वायरल वीडियो भी देखा जिसमे पुलिस उनपर हमला करने को दौड़ी थी , बातों ही बातों में पता चला इनको ये हिम्मत उनकी ताइ जो अब इस दुनिया मे नही रही कॉमरेड श्रीलता स्वामीनाथन जो कि एक बहोत बड़ी पोलिटिकल एक्टिविस्ट रही उनसे ओर हाल में भाकपा (माले) के राज्य सचिव महेंद्र चौधरी से मिलती है जिन्होंने अपना सारा जीवन संघर्षो में बिता दिया और इमरजेंसी ओर उसके बाद भी जनता की लड़ाई लड़ते हुवे कई बार जेलों में भी रहे ।

[caption id="attachment_10766" align="alignnone" width="851"] ritansh aazad[/caption]

बातों ही बातों में राहुल से जब हमने पूछा कि पुलिस से डर नहीं लगता तब उन्होंने हंसते हुवे कहाँ क्या देश के लिए जान कुर्बान करने वाले सेनिको को लगता है क्या क्रांतिकारी जो शहीद हुवे उन्हें लगता था, मेरी तो तम्मान ही यही है कि मजदूरों और वर्ग संघर्ष की लड़ाई लड़ते हुवे किसी दिन पुलिस के लाठी गोली से मेरी मौत हो उन्होंने कहा बचपन से पुलिस की बहोत लाठियां खाई है पर आज पुलिस भी जिस तरह से अपनी जान की परवाह न करते हुवे सड़को पर 16 से 24 घन्टे ड्यूटी कर रही है जिसमे सबसे ज्यादा इनकी जान को खतरा है इनकी इसी बात पर कुछ पुलिस वालों की गुंडागर्दी कोई मायने नहीं रखती ओर में दिल से इनके होसलो को सलाम करता हु आज अगर चुल्लू भर पानी डूबना है तो वो उन नेताओं को है जो घरों में दुबक कर बैठे है जब उनकी जनता भूखी है।

स्कील कुरेशी ने बताया कि आज प्रधानमंत्री मोदी जी ने जो लॉक डाउन किया है में उसका समर्थन करता हूँ यह समय की मांग है लेकिन आप की जमीनी  तैयारिया थी ही नहीं आज देश का मजदुर पैदल ही 500 / 1000 या उससे भी अधिक किलोमीटर भूखे पेट चलने को तैयार है और वह भूख से मर भी रहा है उसी लाश सडको पर लावारिश पड़ी मिल रही है यह मजदुर कोरोना से तो पता नहीं कब मरेगा लेकिन भूख से तो आज रोड़ो पर मरता दिख रहा है में तो इसे केंद्र व् राज्यों की लापरवाही द्वारा हत्या की श्रेणी में ही रखूंगा ओर इसी लिए बस आज इनकी भूख से मौत न हो जाये इस लिए सड़कों पर हूँ।

इन्ही के बीच के जानी मानी समाज सेविका जो NFIW की महासचिव है निशा सिद्दू जी वो भी अचानक से हमे दिखाई पड़ी जब पुलिस वाले मजदूरों पर डंडे चला रहे थे उनको सिंधी कैम्प से भगाने के लिए तो वो अचानक से बीच मे आ गई जैसे उन मजदूरों की ढाल बनकर आ गई हो, जैसा आप सभी को पता है इनकी इकलौते पुत्र समर्थ सिंह सिद्दू का अभी 15 तारीख को ही टोंक रोड पर एक्सीडेंट में देहांत हो गया था अभी बेटे की चिता की आग ठंडी भी नही हुवी थी कि इनको इस तरह सड़को पर मजदूरों के लिए जान हतेली पर लिए देख कर ऐसा लगा मानो झांसी की रानी एकबारगी अपनी सेना के लिए सब कुर्बान करने आ गई हो, सलाम है उनके हौसले को , उनसे बात तो नही हो पाई पर पता चला कि वो कहती हैं कि अगर समर्थ होता तो वो भी आज यही करता इन मजदूरों को भूखे पेट न मरने देता न पुलिस से पीटने देता , ओर मेरे जीवन का अब एक ही लक्ष्य है वर्ग संघर्ष।

वही पर कुछ युवा भी थे जिनमें AIRSO के राज्य संयोजक रितांश जो पहले दिन से सक्रीय हैं, जयपुर अगेंस्ट ब्रूटलिटी की मुहिम चलाने वाले बप्पा आदित्य जिनको हाल ही में दिल्ली में केवल इस लिए गिरफ्तार कर लिया गया था कि वो एक उबेर कैब में बैठ कर साहिन बाग पर बात कर रहे थे ।

ये सभी युवाओं के भी घर परिवार है, राहुल के तो 2 बेटियां है 4 और 6 साल की पर फिर भी जहाँ आज हमारे नेता घरों में कोरोना के डर से दुबके हुवे है ये सभी ने कसम खा रक्खी है कि चाहे कोरोना मार दे पर भूख के खिलाफ हम लड़ेंगे ओर मजदूर को नही मरने देंगे।

वाकई इन्हें देख कर लगा कि इनसभी युवाओं में एक भगतसिंग जिंदा है और एक झांसी की रानी इनकी ढाल बनकर खड़ी है

Comments

Popular posts from this blog

DICCI Rajasthan Chapter today distributed to the cleaning workers working in the Mansarovar dumping yard – PPE kits, masks, globs

covid -19  Positive efforts by dicci rajasthan – for scavengers Jaipur. 06 June 2020 The Dalit Indian Chamber of Commerce and Industry (DICCI) has been campaigning to distribute PPE kits, masks and gloves to the district collectors of the worst corona-affected districts of Rajasthan keeping in view the safety of the sanitation workers. So far more than 1 lakh
http://dlvr.it/RZNtvk

राजस्थान में 50 हजार से अधिक पदों की व् 3 दर्जन से ज्यादा भर्ती परीक्षाएं इस महामारी के बीच अटक गई हैं – ईरा बोस

राजस्थान में 50 हजार से अधिक पदों की व् 3 दर्जन से ज्यादा भर्ती परीक्षाएं इस महामारी के बीच अटक गई हैं – ईरा बोसMAY 16, 2020 BY (EDIT) प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहें बेरोजगार युवा की समस्या समझे – मुख्यमंत्री गहलोत कोरोना वैश्विक महामरी ने जहाँ सभी वर्गों को बुरी तरह से प्रभावित किया है वही लम्बे समय से प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी करने वाले युवा बेरोजगारों को भी कुछ समझ ही नहीं आ रहा की आगे क्या होगा या कहें उनके अरमानों पर पानी सा फिर गया है | अभ्यर्थी पहले से ही लेट लतीफी का शिकार होते रहें है अब वह भर्तियों के समय पर पूरा होने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन कोरोना लॉक डाउन ने बेरोजगारी के साथ नौकरी का लंबा इंतजार करा दिया है। राज्य में लगभग 50 हजार से अधिक पदों की 3 दर्जन से ज्यादा भर्ती परीक्षाएं इस महामारी के बीच अटक गयी। किसी भर्ती की घोषणा हो जाने के बाद विज्ञापन जारी नही हुआ तो कही विज्ञापन जारी हुई भर्ती का परीक्षा आयोजन नही
Click here to link - 
https://politico24x7.com/in-rajasthan-more-than-3-dozen-recruitment-examinations-of-more-than-50-thousand-posts-are…

राजस्थान: विधानसभा भवन में ‘बुरी आत्माओं का साया’, रखी ये मांग

जयपुर। गत छह महीने में दो विधायकों के निधन के बाद राजस्थान के विधायक यह मानने लगे हैं कि विधानसभा भवन में ‘बुरी आत्माओं का साया’ है और उन्होंने शुद्धि के लिए इमारत में हवन कराने की हिमायत की है। नागौर से भाजपा विधायक हबीबुर रहमान ने बताया कि उन्होंने कल मुख्यमंत्री से कहा है कि विधानसभा भवन में शुद्धि के लिये हवन कराया जाये।



उन्होंने कहा कि विधानसभा भवन जिस भूमि पर बना है वहां पहले श्मशान और कब्रिस्तान हुआ करते थे और 'बुरी आत्माओं के प्रभाव’ से ऐसा हो रहा होगा। सरकार के मुख्य सचेतक कालूलाल गुर्जर ने भी सदस्यों के निधन से सदन के सदस्यों के असहज होने की बात स्वीकारी है। उन्हें भी ऐसा लगता है। गुर्जर ने सदन के परिसर में संवादाताओं से कहा कि कल सदन के सदस्यों के मन में प्रश्न उठ रहा था कि सदस्यों की मौत क्यों हो रही है। उन्होंने अपने विचार और सुझाव दिये हैं। ऐसा कहा जाता है कि विधानसभा भवन श्मशान की जमीन पर बनाया गया है। कुछ नकारात्मक असर के चलते परेशानियां उत्पन्न हो रही हैं।



गौरतलब है कि नाथद्वारा के विधायक कल्याण सिंह चौहान का कल उदयपुर के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान निधन हो ग…