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उपयोगिता के आधार पर राजकीय चिकित्सालयों में शैय्याएं बढ़ाने पर विचार: कालीचरण

जयपुर। राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ ने कहा कि प्रदेश में चिकिकत्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को उपलब्ध कराने के लिये सरकार प्रतिबद्ध है और शत प्रतिशत उपयोगिता होने पर ही राजकीय चिकित्सालयों में शैय्याएं बढ़ाने पर विचार किया जाता है।



सराफ ने आज विधानसभा के प्रश्नकाल में विधायक हबीबुर्ररहमान के प्रश्न का जवाब देते हुये कहा कि जवाहरलाल नेहरु राजकीय चिकित्सालय नागौर में इनडोर मरीजों की संख्या वर्ष 2014 में 29 हजार 647, वर्ष 2015 में 27 हजार 455, वर्ष 2016 में 29 हजार 597 और वर्ष 2017 में 31 हजार 497 थी। उन्होंने कहा कि यहां उपयोगिता 58.8 प्रतिशत है और उपयोगिता बढऩे पर शैय्याएं बढ़ाने पर विचार किया जाएगा। उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि अगले 15 दिन में यहां चिकित्सकों की कमी को पूरा कर दिया जाएगा।



इससे पहले विधायक हबीबुर्ररहमान अशरफी लाम्बा के मूल प्रश्न पर उन्होंने कहा जवाहरलाल नेहरु राजकीय चिकित्सालय नागौर में वर्तमान में 150 शैय्याएं स्वीकृत हैं। स्वीकृत शैय्याओं का वर्ष 2014 में 56.10, वर्ष 2015 में 51.71, वर्ष 2016 में 55.53 एवं वर्ष 2017 में 58.8 प्रतिशत उपयोगिता (बी.ओ.आर.) रही है। अत: जवाहरलाल नेहरु राजकीय चिकित्सालय नागौर की शैय्याओं में वृद्धि किया जाना वर्तमान में विचाराधीन नहीं है।

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